153 करोड़ रुपये से लखनऊ विश्वविद्यालय बनेगा मॉडल विश्वविद्यालय
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लखनऊ विश्वविद्यालय को मॉडल विश्वविद्यालय के तौर विकसित करने की शुरुआत हो चुकी है। बृहस्पतिवार को एलयू कुलपति प्रो. एसबी निमसे ने मुख्य सचिव आलोक रंजन से मुलाकात कर विश्वविद्यालय की जरूरतों के बारे में बताया। उसके विकास के लिए उन्होंने 153 करोड़ रुपये का प्रस्ताव पेश किया।
इसके साथ ही एलसू के न्यू कैंपस में 1200 की क्षमता वाला ऑडिटोरियम बनाने, 85 कमरों का छात्रावास तथा दो बहुमंजिला कर्मचारी आवास, पांच उच्च अध्ययन केंद्र और चार शोध पीठ बनाने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा।
बैठक में मुख्य सचिव ने एलयू को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए मार्च तक नैक ग्रेडिंग कराके ए ग्रेड पाने के लिए प्रयास करने को कहा। विश्वविद्यालय में कम से कम 85 कमरों का अत्याधुनिक सुविधा वाला गर्ल्स हॉस्टल बनाने पर भी सहमति बनी।
मुख्य सचिव ने इन मुद्दों पर किए वादे
मुख्य सचिव ने जल्द से जल्द स्टूडेंट्स को नि:शुल्क वाईफाई सुविधा देने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए फील्ड स्टडी द्वारा प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए कहा।
एलयू में चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम और व्यक्तित्व विकास एवं कम्यूनिकेशन स्किल्स पाठ्यक्रमों की पढ़ाई अनिवार्य करने पर भी चर्चा हुई। बैठक में प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा जितेन्द्र कुमार, प्रमुख सचिव वित्त राहुल भटनागर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
शिक्षकों के खाली पद भरने के लिए अनुदान बढ़ाने की मांग
एलयू को इस समय सालाना 55 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाता है। कुलपति ने बैठक में कहा कि शिक्षकों के खाली 221 पद भरने की प्रक्रिया चल रही है। इन शिक्षकों के वेतन की व्यवस्था के लिए कम से कम 25 करोड़ रुपये सालाना की और जरूरत होगी।
साथ ही यूनिवर्सिटी की सड़कों एवं सीवरेज आदि की मरम्मत के लिए करीब 153 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने को कहा। इसमें से 79 करोड़ रुपये मार्च 2016 तक जारी करने की मांग रखी।