छात्रा के कपड़ों पर वार्डन का कमेंट, ऐसे ही होते हैं निर्भया कांड
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लखनऊ विश्वविद्यालय के कैलाश छात्रावास में रहने वाली एक छात्रा पहनावे को लेकर प्रोवोस्ट के फटकारने पर विवाद खड़ा हो गया। छात्रा ने चीफ प्रॉक्टर प्रो. निशी पांडेय से इसकी शिकायत की।
इतना ही नहीं यह छात्रा जब चीफ प्रॉक्टर के पास शिकायत करने पहुंची तो वह अपने साथ वे कपड़े भी ले गई जिनकी वजह से प्रोवोस्ट ने उस पर टिप्पणी की थी।
छात्रा ने चीफ प्रॉक्टर से सवाल पूछा कि इन कपड़ों में क्या खराबी है? छात्रा ने मौखिक रूप से बताया कि उसे प्रोवोस्ट ने यहां तक कह दिया कि इन्हीं वजहों से निर्भया कांड जैसी घटनाएं होती हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुलपति प्रो. एसबी निमसे ने चीफ प्रॉक्टर को ही मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है।
यहां पढ़ें क्या बोलीं चीफ प्रॉक्टर
कैलाश छात्रावास में रहने वाली स्नातक प्रथम वर्ष की छात्रा दो नवंबर को अपनी सहेली से मिलने शाम करीब 6.15 बजे विवि के ही दूसरे महिला छात्रावास गई थी। छात्रा का आरोप है कि छात्रावास के गेट पर ही वहां की प्रोवोस्ट मिल गईं और उसके कपड़ों पर टिप्पणी करते हुए उन्हें अभद्र बताया।
आरोप है कि प्रोवोस्ट करीब 45 मिनट तक छात्रा को डांटती रही। छात्रा ने लिखित शिकायत में बताया कि उससे कई अवर्णनीय शब्द भी कहे गए। छात्रा ने मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया।
यूनिवर्सिटी की चीफ प्रॉक्टर प्रो. निशी पांडेय ने कहा, कुलपति ने पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। छात्रा ने शिकायत के समय जो कपड़े लाकर दिखाए वह साधारण थे उनमें कोई बुराई नहीं थी। फिलहाल जांच से पहले टिप्पणी नहीं की जा सकती।