एलयू की सारी कवायद फेल, नैक में मिला बी ग्रेड

आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 08 May 2014 04:32 AM IST
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Lucknow university got B grade in naac assessment

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एलयू को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) ने बी ग्रेड यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया है। लखनऊ विश्वविद्यालय को 2.76 कूमलेटिव ग्रेड पॉइंट एवरेज (सीजीपीए) मिला है।
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नैक मूल्यांकन में ए ग्रेड का दावा करने वाले लखनऊ विश्वविद्यालय में बुधवार को मायूसी छा गई।
उसे बी ग्रेड मिलने की बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थीं। विश्वविद्यालय का कहना है कि ए ग्रेड पाने की लिए काफी तैयारियां की थीं।
इस पर करीब पांच करोड़ रुपये भी खर्च हुए। इसके बावजूद नैक में बी ग्रेड मिला।

इधर, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एसबी निमसे का कहना है कि वे नैक से अपील करेंगे कि आखिर किस आधार पर उन्हें बी ग्रेड मिला।

उन्हें उम्मीद है कि ऐसा करने पर सीजीपीए में कुछ सुधार हो सकता है, जिससे ग्रेड भी सुधर सकता है।

मार्च में लखनऊ विश्वविद्यालय में नैक टीम आई थी। इससे पहले सितंबर में ही विवि ने तैयारियां शुरू कर दी थीं।

विशेषज्ञों की टीम से मॉकड्रिल भी कराया गया, ताकि ए ग्रेड पाने के लिए जो भी मशक्कत हो, पूरी कर ली जाए।

इतनी तैयारियों के बाद भी विवि प्रशासन को ए ग्रेड न मिल पाने के कारण मायूसी छा गई।

प्रशासनिक भवन से लेकर यूनिवर्सिटी के कार्यालयों में सिर्फ एक ही मुद्दे पर बहस छिड़ी थी कि आखिर कहां कमी रह गई, जो नैक मूल्यांकन में बी ग्रेड मिला।

यूनिवर्सिटी में नैक मूल्यांकन प्रभारी डॉ. राजीव मनोहर ने कहा कि तैयारियां अच्छी की गईं थी और कई जगह परफॉर्मेस भी अच्छी थी।

उन्होंने कहा बी ग्रेड मिलने की उम्मीद नहीं थी। इधर, एलयू के कुलपति डॉ. एसबी निमसे नैक के सामने अपील करेंगे कि आखिर उन्हें किस आधार पर बी ग्रेड मला।

नैक की ओर से से जो रिपोर्ट कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद लखनऊ विश्वविद्यालय को पता चलेगा कि किस आधार पर नैक मूल्यांकन में बी ग्रेड मिला।

वर्ष 2002 में भी मिला था 4स्टार
लखनऊ विश्वविद्यालय में वर्ष 2002 में जब राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की ओर से असेसमेंट किया गया था तो उसे फोर स्टार यूनिवर्सिटी का दर्जा मिला था।

उस समय फाइव स्टॉर टॉप यूनिवर्सिटी होती थी।

इसके बाद लखनऊ विश्वविद्यालय को पांच साल बाद वर्ष 2007 में नैक से मूल्यांकन करवाना था लेकिन उस समय कुलपतियों ने यूनिवर्सिटी में मूलभूत संसाधनों की कमी होने का रोना रोकर नैक मूल्यांकन नहीं करवाया।

यूनिवर्सिटी में मई-2013 में पदभार संभालने के बाद ही कुलपति डॉ. एसबी निमसे ने अपना पहला लक्ष्य नैक मूल्यांकन में ए ग्रेड पाना और यूनिवर्सिटी के लिए विजन-2020 तैयार किया लेकिन एलयू को बी ग्रेड मिलने से झटका लगा है।

0.25 सीजीपीए से चूके ए ग्रेड से
लखनऊ विश्वविद्यालय को नैक मूल्यांकन में 2.76 सीजीपीए मिले हैं और उसे बी ग्रेड मिला है।

अगर उसे 3.01 सीजीपीए मिला होता तो वह ए ग्रेड यूनिवर्सिटी की कैटेगरी में होता।

ऐसे में एलयू के हाथ से मात्र 0.25 सीजीपीए से नैक मूल्यांकन का ए ग्रेड फिसल गया।

यूनिवर्सिटी प्रशासन की सारी तैयारियां नैक मूल्यांकन को लेकर बेकार चली गई। उसका ए ग्रेड का दावा भी धरा ही रह गया।
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