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छात्र को नहीं दी सूचना, अब दो 50 हजार जुर्माना

Sun, 09 Feb 2014 09:34 AM IST
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 09 Feb 2014 09:34 AM IST
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lucknow university get fined rupess 50 thousand

एलयू में रिसर्च स्कॉलर को दो साल तक दौड़ाने के बावजूद सूचना न देने पर राज्य सूचना आयुक्त ने पचास हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

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यह कार्रवाई तत्कालीन उप कुल सचिव व जन सूचना अधिकारी कैलाश नाथ पर यह कार्रवाई की गई है। रिसर्च स्कॉलर ने उन पर फाइलें गायब करने का भी आरोप लगाया है।

फिलहाल राज्य सूचना आयोग की इस कार्रवाई से एलयू की कार्यशैली पर सवालिया निशान लग गया है। एलयू में भूगर्भ विज्ञान विभाग में शोधार्थी सौरभ गुप्ता के मुताबिक जेआरएफ पास करने के बाद एलयू में वर्ष 2011 में डॉ. अजय मिश्रा के निर्देशन में पीएचडी कर रहा था।

सौरभ के अनुसार कुछ कार्यों को लेकर उसकी गाइड से अनबन हो गई। उसके बाद उसे न तो क्लास में बैठने दिया गया और न ही फैलोशिप की रकम जारी होने दी गई।

जब उसने मामले की शिकायत की और इस संबंध में सूचना के अधिकार के तहत सूचना मांगी तो तत्कालीन कुलपति प्रो. मनोज कुमार मिश्रा ने 22 जून 2011 को फैलोशिप रिलीज करने और गाइड की व्यवस्था करने के आदेश जारी कर दिए।
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कई बार सूचनाएं मांगने के बावजूद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उसे कोई जानकारी नहीं दी और कुलपति का आदेश भी दबा लिया। इसके बाद छात्र ने 25 अप्रैल 2012 को राज्य सूचना आयोग में अपील की।
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इस पर फिर से तत्कालीन कुलपति प्रो. मनोज कुमार मिश्रा ने फैलोशिप व को गाइड की व्यवस्था करवाने के सख्त निर्देश दिए और उसकी प्रक्रिया आगे बढ़ी। मगर उसके द्वारा मांगी गई सूचनाएं नहीं दी गईं।

इसमें कुलपति द्वारा दिए आदेश को लागू न किए जाने पर सवाल पूछे गए थे और उनके आदेश की प्रति मांगी गई थी।

आयोग में मामले की सुनवाई पर दो साल तक सूचना छिपाने और रिसर्च स्कॉलर को परेशान करने पर राज्य सूचना आयुक्त खदीजातुल कुबरा ने लविवि पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

भुक्तभोगी स्टूडेंट के मुताबिक तत्कालीन उप कुल सचिव कैलाश नाथ ने उसे बहुत परेशान किया। उन्होंने डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएससी) की ओर से चाइना टूर के एक लाख रुपये के ओरिजिनल बिल भी गायब कर दिए और उस पर बिल जमा न करने का झूठा आरोप लगाया।


इसके बाद डीएससी से जांच में उसकी बात सही निकली। यही नहीं मिटिंग सेक्शन से उसके केस से जुड़ी दो फाइलें भी कैलाश नाथ लेकर चले गए हैं। इस समय कैलाश नाथ फैजाबाद यूनिवर्सिटी में उप कुल सचिव हैं

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