लखनऊ यूनिवर्सिटी ने यूं वैध किया अवैध एडमिशन
एलयू ने 14 डिग्री कॉलेजों में सीटों से अधिक स्टूडेंट्स को दाखिला दिए जाने के मामले में कोई दंड देने के बजाए अपनी जेब भरना ज्यादा उचित समझा। उसने डिग्री कॉलेजों द्वारा सीटों से अधिक संख्या में दाखिला पाने वाले स्टूडेंट्स की आधी फीस अपने खाते में जमा करवाने का निर्णय लेकर अवैध दाखिले को वैध कर दिया।
स्नातक की मुख्य परीक्षा से ठीक एक दिन पहले एलयू में प्रवेश समिति की आपात बैठक कुलपति प्रो. एसबी निमसे की अध्यक्षता में बुलाई गई बैठक में यह निर्णय लिया गया। वहीं डिग्री कॉलेजों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के भी निर्देश दिए गए।
सभी कॉलेजों को सख्त चेतावनी दी गई है कि अगर भविष्य में वह दोबारा ऐसी गलती करेंगे तो उनकी संबद्घता खत्म कर दी जाएगी।
इन सभी कॉलेजों में सीटों से ज्यादा हुए दाखिले
लखनऊ विश्वविद्यालय में रविवार को प्रवेश समिति की आपात बैठक बुलाई गई। इस बैठक में स्नातक में सीटों से अधिक संख्या में दाखिला लेने वाले 14 डिग्री कॉलेजों के प्रकरण पर सुनवाई की गई। इसमें सबसे अधिक बीए में करामत हुसैन मुस्लिम गर्ल्स पीजी कॉलेज ने किए हैं।
उसमें बीए प्रथम वर्ष में आवंटित 1182 सीटों के मुकाबले 1357 सीटों पर छात्राओं को दाखिले दे दिए। यानि कुल 175 अधिक छात्राओं को प्रवेश दे दिया। इसी तरह अमीरूद्दौला इस्लामिया पीजी कॉलेज ने बीकॉम में 308 सीटों के मुकाबले 404 स्टूडेंट्स को दाखिला दे दिया।
इसने कुल 96 अधिक स्टूडेंट्स को प्रवेश दे डाला। एलयू द्वारा ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भरवाए जाने पर यह गड़बड़ी पकड़ी गई। ज्यादातर कॉलेजों ने बीकॉम कोर्स में ही दाखिला दिया है। क्योंकि बीकॉम कोर्स में दाखिले के लिए हर कॉलेज में सबसे ज्यादा मारामारी होती है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से जल्द ही इन डिग्री कॉलेजों को नोटिस जारी कर आधी फीस एलयू के खाते में जमा करवाई जाएगी। प्रवेश समिति की बैठक में दो टूक कहा गया कि अगर दोबारा डिग्री कॉलेजों ने गलती की तो यूनिवर्सिटी प्रशासन उनकी संबद्घता खत्म कर देगी।