बदल जाएंगे लखनऊ यूनिवर्सिटी में प्रवेश के नियम
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एलयू में स्नातक कोर्सेज में दाखिले के लिए एंट्रेंस टेस्ट के साथ इंटरमीडिएट में प्राप्त अंकों को जोड़कर मेरिट बनाए जाने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत 50 प्रतिशत नंबर एंट्रेंस टेस्ट के और 50 प्रतिशत नंबर इंटरमीडिएट के जोड़े जाएंगे। इन दोनों को जोड़कर तैयार की गई मेरिट लिस्ट के आधार पर दाखिला लिए जाने पर सहमति बन सकती है।
वहीं दूसरा प्रस्ताव है कि सीधे एंट्रेंस टेस्ट करवाकर ही दाखिला दे दिया जाए। लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन इन दोनों फॉर्मूलों पर गंभीरता से विचार कर रहा है। इसी हफ्ते एलयू स्नातक कक्षाओं में दाखिले केलिए कोऑर्डिनेटर भी तय कर देगा। इसके बाद एकेडमिक काउंसिल की बैठक बुलाकर दाखिले के पैटर्न पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
लखनऊ विश्वविद्यालय करीब 14 साल बाद एक बार फिर से एंट्रेंस टेस्ट के माध्यम से स्नातक कोर्सेज में दाखिला लेने जा रहा है। पहली बार व्यवस्था को बदलने के लिए उसने दो फॉर्मूले तैयार किए हैं और इनके नफा-नुकसान पर मंथन किया जा रहा है।
ठोस व्यवस्था चाहती है यूनिवर्सिटी
विश्वविद्यालय प्रशासन की मंशा है कि जो व्यवस्था की जाए वह पूरी तरह फूलप्रूफ हो। ऐसे में यूनिवर्सिटी प्रशासन सीधे एंट्रेंस से दाखिला लेने और उसके साथ ही एंट्रेंस टेस्ट व इंटरमीडिएट के 50-50 प्रतिशत नंबर जोड़कर मेरिट तैयार करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन का तर्क है कि एंट्रेंस व इंटरमीडिएट के नंबर जुड़ने से ऐसे स्टूडेंट जिनका एकेडमिक परफॉरर्मेंस अच्छा है उन्हें दाखिला मिलने में आसानी होगी।
अभी मेरिट से सीधे दाखिला होने पर सबसे ज्यादा मेधावी लखनऊ विश्वविद्यालय की झोली में ही आते हैं जब यहां उन्हें दाखिला नहीं मिलता तभी वह अन्य कॉलेजों का रूख करते हैं। साइंस व कॉमर्स फैकल्टी में बीते वर्षों में अच्छे स्टूडेंट्स बड़ी संख्या में पढ़ रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर यूनिवर्सिटी प्रशासन सीधे एंट्रेंस टेस्ट से ही दाखिला लेने पर भी विचार कर रहा है। इसके लिए तर्क यह दिया जा रहा है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन को एंट्रेंस टेस्ट से दाखिला लेने में इंटरमीडिएट के रिजल्ट घोषित होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उसकी प्रवेश प्रक्रिया जल्द निपट जाएगी। मगर इसमें तर्क यह भी दिया जा रहा है कि बिना इंटर का रिजल्ट घोषित हुए काउंसलिंग करवाना मुश्किल होगा। क्योंकि उसमें स्टूडेंट्स के डॉक्युमेंट्स तो चेक ही होंगे।
फिलहाल यूनिवर्सिटी की एकेडमिक काउंसिल की बैठक में ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा। एलयू के प्रवक्ता प्रो. एनके पांडेय कहते हैं कि हम सीधे एंट्रेंस टेस्ट से दाखिला लेने और एंट्रेंस टेस्ट व इंटरमीडिएट के 50-50 प्रतिशत नंबर जोड़कर मेरिट बनाने संबधी इन दोनों फॉर्मूलों पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। आखिरी फैसला एकेडमिक काउंसिल की बैठक में ही किया जाएगा।