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छात्रों ने किया हंगामा तो, एलयू ने बदला फैसला
सचिन त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 17 Jan 2014 09:30 AM IST
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लखनऊ विश्वविद्यालय में एमपीएड में शॉर्ट अटेंडेंस वाले स्टूडेंट्स भी अब परीक्षा दे सकेंगे।
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स्टूडेंट्स ने परीक्षा से बाहर कर देने पर हंगामा कर दिया था, जिस पर विवि प्रशासन ने उन्हें एग्जाम देने की स्वीकृति दी।
एनसीटीई के नियमों के अनुसार एमपीएड मेें कम से कम 90 फीसदी उपस्थिति जरूरी है, लेकिन कई स्टूडेंट्स ऐसे थे, जिनकी अटेंडेंस दो प्रतिशत भी नहीं थी।
इस पर फिजिकल एजूकेशन के शिक्षकों ने एनसीटीई के नियमों का हवाला देते हुए फर्स्ट सेमेस्टर के चार और थर्ड सेमेस्टर के 15 स्टूडेंट्स को परीक्षा देने से रोक दिया।
विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज दीक्षित ने इस पर अपनी सहमति प्रदान की थी। इसके बाद एमपीएड के स्टूडेंट्स ने हंगामा शुरू कर दिया। गुरुवार को स्टूडेंट्स ने पहले शारीरिक शिक्षा विभाग में हंगामा किया फिर कुलपति कार्यालय पहुंच गए।
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इसके बाद प्रति कुलपति प्रो. एके सेन गुप्ता, विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज दीक्षित और अधिष्ठाता छात्र कल्याण अनिल शुक्ला की समिति ने मामले पर विचार-विमर्श किया।
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समिति ने सभी 19 स्टूडेंट्स को अगले सेमेस्टर में बैक पेपर की तरह परीक्षा देने की अनुमति दी है। लविवि प्रवक्ता प्रो. एन के पांडेय ने कहा कि स्टूडेंट्स के कॅरिअर को देखते हुए यह निर्णय लिया है।