LU में हॉस्टल की रेलिंग टूटी, दो छात्र जख्मी, छात्रों ने वार्डेन रूम फूंका
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लखनऊ विश्वविद्यालय के सुभाष छात्रावास के प्रथम तल की रेलिंग टूटने से दो छात्र औंधे मुंह नीचे आ गिरे। गंभीर रूप से जख्मी छात्रों को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। घटना से गुस्साए छात्रों ने छात्रावास के वार्डन ऑफिस में आग लगा दी।
बवाल की सूचना पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम मौके पर पहुंची और छात्रों को शांत कराने की कोशिश की मगर वे नहीं माने। इसके बाद छात्रों ने पूरे छात्रावास में लगी लाइटें व जर्जर रेलिंग ढहा दी।
स्टूडेंट्स का आरोप था जर्जर हॉस्टल में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद मरम्मत नहीं कराई जाती। इसी की वजह से यह हादसा हुआ। करीब डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंचीं प्रॉक्टर प्रो. निशी पांडेय ने स्टूडेंट्स को किसी तरह शांत कराया। ऐतिहात के तौर पर यहां पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस के मुताबिक सुभाष छात्रावास के कमरा नंबर 95 में रहने वाले यतींद्र कुमार व 98 का दुर्गेश बीएससी प्रथम वर्ष के छात्र हैं। दोपहर करीब तीन बजे से हॉस्टल में बिजली गुल थी।
ज्यादातर छात्र रूम से बाहर थे। शाम करीब छह बजे यतींद्र अपने साथी दुर्गेश संग प्रथम तल पर रेंलिग पर खड़ा होकर नाश्ता कर रहा था। इसी दौरान जर्जर रेलिंग पर अधिक जोर पड़ने पर वह टूट गई। इससे दोनों छात्र प्रथम तल से नीचे आ गिरे। दोनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
न एंबुलेंस आई न विवि प्रशासन
छात्रों का आरोप है कि घटना के बाद इसकी जानकारी विवि प्रशासन को दी गई। मगर कोई भी नहीं आया। कई दफा 108 समाजवादी एंबुलेंस सेवा पर फोन किया। एंबुलेंस भी नहीं आई। इस पर साथी छात्र घायलों को बाइक से विवेकानंद अस्पताल ले गए। जहां हालत गंभीर होने पर दोनों को ट्रॉमा में भर्ती कराया गया।
भड़का आक्रोश...आगजनी...तोड़फोड़
घटना से आक्रोशित छात्र वार्डेन अरुण सिंह के ऑफिस का ताला तोड़कर अंदर घुस गए। ऑफिस की कुर्सी-मेज तोड़ने के साथ ही पेट्रोल उड़ेलकर आग लगा दी। वहीं अन्य छात्रों ने प्रथम तल पर पहुंचकर 15 से अधिक जर्जर रेलिंग ढहा दी। बाथरूम व खाली कमरों में घुसकर भी तोड़फोड़ की।
करीब एक घंटे तक यह सब चलता रहा। बवाल की सूचना पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड टीम के दो सदस्य वहां पहुंचे और वार्डेन के कमरे में पानी डालकर आग बुझाई। डेढ़ घंटे बाद पहुंची प्रॉक्टर निशी पांडेय ने सभी छात्रों को हॉस्टल परिसर में बुलाया। करीब एक घंटे बाद छात्रों को समझाकर शांत कराया। छात्रों ने प्राक्टर से हॉस्टल परिसर बाहर एंबुलेंस खड़ी कराए जाने की मांग की।
पुलिस टीम को आगे नहीं बढ़ने दिया
बवाल की सूचना पर एमसीआर की गाड़ियां हूटर बजाते हुए हॉस्टल की ओर बढ़ी थीं। एनडी व हबीबुल्लाह हास्टल के बाहर खड़े सैकड़ों छात्रों ने पुलिस को आगे नहीं बढ़ने दिया। आगे बढ़ने पर गाड़ियां फूंके जाने की धमकी दी। यह सुनकर पुलिस टीमें वहीं पर ठहर गई। मामले की जानकारी अफसरों को दी। इसके बाद इंस्पेक्टर दिनेश सिंह व सीओ महानगर, विकासनगर, महानगर थाने की फोर्स बुला ली गई। लखनऊ विश्वविद्यालय प्राक्टोरियल टीम संग पुलिस की गाड़ियां मौके पर पहुंच पाई।
सुरक्षा व गार्ड की तैनाती होगी
आक्रोशित छात्रों ने प्राक्टर निशी पांडेय से मुख्य गेट पर ताला न लगवाए जाने को कहा। इसके अलावा छात्रों ने गेट पर सुरक्षा गार्ड व चपरासी तैनात किए जाने की मांग की। छात्रों ने प्रॉक्टर से शिकायत की यहां पर तैनात चपरासी दूसरे हास्टल में जाकर मौज करता है। प्रॉक्टर प्रो. निशी पांडेय के अनुसार स्टूडेंट्स की मांग पर विचार किया जाएगा। ड्यूटी न करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
जर्जर रेलिंग व बाथरूम में टपकता है पानी
छात्रों का कहना था सुभाष छात्रावास में करीब दस साल से मेंटेनेंस का काम नहीं हुआ है। नतीजा यह है कि बाथरूम की छतों से पानी टपकता है। इतना ही नहीं प्रथम तल पर लगी लोहे की अधिकतर रेलिंग जर्जर हालत में खड़ी है। ऐसे में यहां पर दोबारा कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। छात्रों ने प्रॉक्टर ने हॉस्टल में मेंटेनेंस काम करवाने को कहा तो प्रॉक्टर ने हामी भर ली।
प्राक्टर से मांगा हिसाब
प्रॉक्टर निशी पांडेय से छात्रों ने हॉस्टल मेंटेनेंस समेत अन्य दूसरों मदों में आने वाला पांच साल का हिसाब मांगा तो प्रॉक्टर बगले झांकने लगीं। छात्रों का कहना था रंग-रोगन समेत अन्य कई मदों का लाखों रुपये हर साल आता है। मगर लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन मोटी रकम डकार कर छात्रों की सुरक्षा से खिलवाड़ करता है। इसे अब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मामले पर प्रो. एन के पांडेय लविवि के प्रवक्ता का कहना है कि घटना बेहद दुखद है। लविवि घायल छात्रों का इलाज करा रहा है। विवि के जर्जर हॉस्टलों का निरीक्षण करके उनका मरम्मत योग्य कामों का ब्यौरा जुटाया जाएगा। जल्द से जल्द हॉस्टल दुरुस्त किए जाएंगे। (तस्वीर में घायल छात्र)