लखनऊ यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स का भविष्य अधर में
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एलयू व डिग्री कॉलेजों में स्नातक कक्षाओं के बैक पेपर व इम्प्रूवमेंट परीक्षा का रिजल्ट दो महीने बाद भी घोषित नहीं हो पाया है।
नवंबर के अंतिम सप्ताह में ये परीक्षाएं हुईं थी इसके बाद से अभी तक रिजल्ट घोषित नहीं हो पाया है। सबसे बड़ी मुसीबत में स्नातक तृतीय वर्ष के उन स्टूडेंट्स के लिए हैं जिन्होंने बैक पेपर व इम्प्रूवमेंट परीक्षा दी है।
अगर ये स्टूडेंट परीक्षा में फेल हुए तो वह एग्जेमटेड स्टूडेंट्स के रूप में किस तरह आगे की मुख्य परीक्षा देंगे।
क्योंकि यूनिवर्सिटी ने स्नातक की मुख्य परीक्षा के ऑनलाइन फॉर्म भरवाने की अंतिम तारीख 15 फरवरी निर्धारित की है। यूनिवर्सिटी प्रशासन का जवाब
दरअसल परीक्षा विभाग इस बार रिजल्ट बनाने का काम एजेंसी से करवाने के बजाए एलयू के कम्प्यूटर सेंटर से ही करवाना चाह रहा था।
मगर यूनिवर्सिटी में इस निर्णय को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हो पा रहा था। अब विवि प्रशासन ने आखिरकार एजेंसी से ही रिजल्ट बनवाने का फैसला कर लिया है।
परीक्षा नियंत्रक ने दिया ये आश्वसन...
वहीं परीक्षा नियंत्रक एसके शुक्ला का कहना है कि दस फरवरी से बैक पेपर व इम्प्रूवमेंट के रिजल्ट घोषित होना शुरू हो जाएंगे।
एलयू व डिग्री कॉलेजों में पढ़ने वाले स्टूडेंट अभी तक बैक पेपर व इम्प्रूवमेंट परीक्षा के रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
नवंबर के अंतिम सप्ताह में ये परीक्षाएं शुरू हुई थीं और दिसंबर के पहले हफ्ते में खत्म हो गईं। मगर इसके बावजूद यूनिवर्सिटी प्रशासन अभी तक बैक पेपर व इम्प्रूवमेंट परीक्षा का रिजल्ट घोषित नहीं कर पाया है।
परीक्षा विभाग ने बैक पेपर व इम्प्रूवमेंट परीक्षा की कॉपियां तो जंचवा ली, मगर रिजल्ट तैयार करने का काम फंस गया।
यूनिवर्सिटी के परीक्षा विभाग ने इस बार एजेंसी से रिजल्ट तैयार करवाने की बजाए सीधे एलयू के कम्प्यूटर सेंटर से रिजल्ट बनवाने का निर्णय लिया।
पैसे बचाने के चक्कर में हुई देर
अंतिम समय पर परीक्षा विभाग की तैयारी फेल हो गई। अब आखिरकार लेटलतीफी के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एजेंसी के माध्यम से ही रिजल्ट तैयार करवाने का निर्णय लिया है।
स्नातक तृतीय वर्ष में जिन स्टूडेंट्स ने बैक पेपर एग्जाम दिया है उनके सामने दूसरा संकट यह है कि स्टूडेंट इस समय कई सरकारी विभागों में निकल रही भर्तियों में आवेदन नहीं कर पाएंगे।
एलयू के परीक्षा नियंत्रक एसके शुक्ला कहते हैं कि एजेंसी से रिजल्ट बनवाने में बेवजह यूनिवर्सिटी का धन खर्च होता है। ऐसे में हमने कम्प्यूटर सेंटर से रिजल्ट तैयार करवाने का निर्णय लिया।
ताकि यूनिवर्सिटी की अच्छी-खासी रकम बच जाए। मगर इस बार तैयारियां उतनी पुख्ता नहीं हो पाईं इसलिए मजबूरी में एजेंसी को रिजल्ट बनाने का काम अब दे दिया गया है।
अभी तक चल रहे बैक पेपर के प्रैक्टिकल एग्जाम
एसके शुक्ला ने कहा, स्टूडेंट्स का किसी भी तरह से घाटा नहीं होगा। हम दस फरवरी से बैक पेपर व इम्प्रूवमेंट का रिजल्ट घोषित करना शुरू कर देंगे। धीरे-धीरे बाकी कक्षाओं के रिजल्ट भी घोषित कर दिए जाएंगे। एलयू में बैक पेपर व इम्प्रूवमेंट परीक्षाओं के प्रैक्टिकल अभी तक चल रहे हैं।
यूनिवर्सिटी व डिग्री कॉलेजों के बीएससी प्रथम वर्ष के बैक पेपर के स्टूडेंट्स का प्रैक्टिकल गत दो फरवरी को हुआ है। इसी तरह अन्य कक्षाओं के प्रैक्टिकल एग्जाम भी किए जा रहे हैं।
ऐसे में भला बैक पेपर व इम्प्रूवमेंट के परिणाम कब घोषित हो पाएंगे। मार्च में स्नातक की मुख्य परीक्षाएं होनी हैं। ऐसे में यूनिवर्सिटी प्रशासन की लेटलतीफी स्टूडेंट्स पर भारी पड़ सकती है।