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चुनाव बदले, लेकिन मुद्दा नहीं
अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 03 Sep 2013 10:47 AM IST
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राजधानी के एमकेपी कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव में हर साल फैकल्टी की कमी का मुद्दा छाया रहता है। लेकिन सालों से यह स्थित वैसी ही बनी हुई है।
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कॉलेज की कई छात्राओं से बातचीत में फैकल्टी की कमी ही प्रमुख समस्या के रूप में सामने आई। छात्राओं का कहना है कि वे इसी उम्मीद में वोट देती हैं कि छात्रसंघ पदाधिकारी उनकी परेशानियों को लेकर आवाज उठाएंगी, लेकिन हर बार निराश होना पड़ता है।
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वहीं, कॉलेज की पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष महक और उपाध्यक्ष अंजली सेमवाल ने बताया कि उन्होंने कई बार पूर्व कार्यवाहक प्राचार्य डा. किरन सूद से लेकर सचिव जितेंद्र नेगी के सामने यह मामला रखा, लेकिन हुआ कुछ नहीं।
नवनिर्वाचित छात्रसंघ अध्यक्ष तृप्ति ध्यानी का कहना है कि वह फैकल्टी का मुद्दा जोरशोर से उठाएंगी।
यह हैं प्रमुख मुद्दे
- साइंस और कॉमर्स की फैकल्टी की जबर्दस्त कमी है।
- छात्राओं की संख्या बढ़ जाने की वजह से बैठने को सीटों की व्यवस्था दुरुस्त नहीं है।
- कॉलेज की बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है। रिनोवेशन की दरकार है।
- खेल के मैदान में घास उगी हुई है, खिलाड़ियों को तैयारी में परेशानी होती है।
- प्रवेश द्वार के बराबर में इग्नू को दी गई इमारत घास से घिरी हुई है।
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