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'इस समय केवल भविष्य के बारे में सोचना ठीक नहीं'

Sat, 22 Feb 2014 02:23 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 22 Feb 2014 02:23 PM IST
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live helpline for bord student by amarujala dehradun

बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह वक्त बड़ा नाजुक है। अभिभावक से लेकर उनसे जुड़ा हर शख्स महत्वपूर्ण है। छात्रों के साथ पेश आने का तरीका बहुत अहम होता है, क्योंकि जरा सी नासमझी बच्चों की जान और कॅरियर की दुश्मन बन सकती है। सीबीएसई की काउंसलर डा. सोना कौशल गुप्ता ने आज ऐसे ही सवालों के जवाब दोपहर 12 से 1 बजे के बीच दिए।

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सवालः मेरा बेटा केवल मुश्किल सवालों की तैयारी करता है। उसका कहना है इससे उसके अच्छे नंबर आएंगे। क्या बोर्ड की परीक्षा में आसान सवाल नहीं आते? रमेश रावत (बल्लूपुर)
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जवाबः मां-बाप का परिक्षाओं के दिनों में मनोबल बढ़ाने की जरूरत होती है। आप अपने बच्चे से कहिए अपना रिविजन करते रहे और हर प्रश्न की तैयारी करे। कोई प्रश्न मुश्किल या आसान नहीं होता।
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सवालः मेरी बेटी की जब परीक्षा होती है उससे पहले उसे लूज मोशन होने लगते है। वो घबराने लगती है। क्या इसका कोई उपाय है? (नीता सिंह)
जवाबः लूज मोशन और घबराहट होना तनाव के लक्षण है। तनाव में बच्चे तभी आते हैं जब वो अपने नंबरों और अपने मां-बाप से डरते हैं। अपने बच्चे को सपोर्ट करें। उसे तला हुआ खाना न दें। डॉक्टर की सलाह पर उसे दवा दे सकते हैं। साथ ही परीक्षा के दिनों में उसे भरपेट खाना न दें।

सवालः मेरे पिता कहते हैं कि अगर बोर्ड में ज्यादा नंबर नहीं आए तो पूरा कैरियर चौपट हो जाएगा। मैं क्या करूं? संदीप
जवाबः हर मां-बाप अपने बच्चे का भला चाहता है। बीच-बीच में अपने मां-बाप से बात करते रहें। अपने पढ़ाई के बारे में अपने मां-बाप को बताते रहें। कोई भी मां-बाप अपने बच्चे का दुश्मन नहीं होता है।

सवालः बोर्ड की परीक्षा में कितने प्रतिशत नंबर आगे के लिए बेहतर होंगे? और कैसे 85 फीसदी अंक लाए जा सकते हैं?
जवाबः इस समय ऐसी बातों के बारे में सोचने से तनाव होगा। इस समय आप अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें। पूरी नींद लें। आगे जो भी होगा अच्छा होगा। भविष्य के बारे में ज्यादा न सोचें। अगर आप भविष्य के बारे में सोचते रहेंगे तो आपका वर्तमान खराब हो जाएगा।

केस 1

बोर्ड की तैयारी कर रहा एक छात्र बेहद परेशान है। उसकी गर्लफ्रेंड भी बोर्ड की तैयारी कर रही है। समस्या यह है कि उस छात्र को गर्लफ्रेंड बार-बार फोन करती है। अब छात्र परेशान है। फोन नहीं उठाया तो गर्लफ्रेंड के दूर हो जाने का डर सता रहा है। उठाया तो नंबर कम आने की चिंता है।


केस 2
आईआईटी से इंजीनियरिंग करने वाले एक पापा अपने बेटे को उठते-बैठते लगातार टोकते रहते हैं। बच्चे को साफ कहते हैं ‘तेरा एडमिशन आईआईटी में नहीं हुआ तो मेरी नाक कट जाएगी।’ तनाव इस कदर बढ़ गया कि बच्चे के सीने में दर्द होने लगा। अब पूरा परिवार परेशान।

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