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उत्तराखंड संस्कृत विवि ने 50% घटाई PHD की फीस

Mon, 24 Nov 2014 02:10 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 24 Nov 2014 02:10 PM IST
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less phd fees in uttarakhand sanskrit university.

उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय ने पीएचडी की फीस 50 प्रतिशत कम कर दी है। परीक्षा समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया। पीएचडी करने वालों को अब तिमाही 2100 की बजाय 1050 रुपए की फीस चुकानी होगी।

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कुलपति प्रोफेसर महावीर अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई परीक्षा समिति की बैठक में पहले से स्नातक उपाधि प्राप्त कर चुके युवाओं को प्राइवेट रूप में एकल विषय में पंजीकरण की अनुमति देने का भी फैसला किया गया।
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इंटरमीडिएट स्तर पर संस्कृत की पढ़ाई न करने वालों को शास्त्री उपाधि में प्रवेश देने का फैसला भी किया गया। इस बारे में नियमों को अंतिम रूप देने के लिए चार सदस्यों की कमेटी का गठन किया गया है।
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परीक्षाएं दिसंबर के तीसरे सप्ताह में शुरू होंगी और इन्हें 27 दिसंबर तक संपन्न कर लिया जाएगा। यह भी तय किया गया कि हर सेमेस्टर में एक या किसी एक सेमेस्टर में अधिकतम दो प्रश्नपत्रों की परीक्षा दोबारा दी जा सकेगी।

लेटरल-एंट्री पाने वालों को अलग गोल्ड मेडल

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विश्वविद्यालय ने प्रतिवर्ष टॉपर्स लिस्ट भी जारी करने का फैसला किया है। हर साल 31 अगस्त तक टॉपर्स लिस्ट जारी कर दी जाएगी। परीक्षा समिति ने पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म को बीजे और एमए इन जर्नलिज्म-लेटरल एंट्री को एमजे, बीलिब को बीलिब साइंस और एम लिब को एमलिब साइंस का नाम दिया है।

पत्रकारिता और योग विषयों में लेटरल-एंट्री के तहत प्रवेश पाने वालों को अलग गोल्ड मेडल मिलेगा। इनमें दो वर्षीय उपाधि और लेटरल एंट्री में अलग-अलग मेडल प्रदान किया जाएगा। सत्र 2010-11 के लिए पत्रकारिता की लेटरल एंट्री उपाधि में सुभाष गुप्ता को गोल्ड मेडल देने पर भी सहमति बनी।

इसके साथ ही यह भी किया गया कि 60 प्रतिशत से कम अंक पाने वाले छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल नहीं दिया जाएगा, भले ही वे अपनी उपाधि में टॉपर क्यों न हों। स्नातक प्रथम वर्ष में छह माह का पर्यावरण जागरूकता कोर्स आरंभ करने का निर्णय लिया गया।

प्रथम और दूसरे वर्ष में पढ़ाए जा रहे कंप्यूटर के प्रश्नपत्र को हटा दिया गया है। इसके स्थान पर दूसरे वर्ष मेंकंप्यूटर-एप्लीकेशन कोर्स पढ़ाया जाएगा। तीसरे वर्ष में योग और कम्युनिकेटिव इंग्लिश में से किसी एक में छह माह का एड-ऑन कोर्स किया जा सकेगा।

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