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बिना प्रवेश पत्र के हुईं लॉ की परीक्षाएं
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 09 May 2014 02:59 AM IST
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लखनऊ विश्वविद्यालय में परीक्षाएं मजाक बनकर रह गई हैं। गुरुवार से शुरू हुई एलएलबी त्रि-वर्षीय पाठ्यक्रम की सेमेस्टर परीक्षा में बगैर प्रवेश पत्र के ही स्टूडेंट्स को एग्जाम देना पड़ा।
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बड़ी संख्या में ऐसे स्टूडेंट ऐसे भी थे, जिनका सेंटर दूसरे कॉलेजों में पड़ा था। ऐसे में प्रवेश पत्र न होने पर उनके पास कोई प्रमाण नहीं था कि वे लॉ के स्टूडेंट थे।
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इस पर स्टूडेंट्स ने अपने कॉलेज के प्राचार्य से लिखित प्रमाण लेकर परीक्षा दी। इसके बाद स्टूडेंट्स ने अपने पिछले सेमेस्टर की परीक्षा का रोलनंबर लिखकर परीक्षा दी।
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दूसरी ओर, जिन स्टूडेंट्स को प्रवेश पत्र मिला भी, उनके नाम गलत थे या फिर सब्जेक्ट गलत थे।
ऐसे स्टूडेंट्स को परीक्षा देने के लिए अपने कॉलेज के प्राचार्यों से परीक्षा केंद्रों पर फोन कराना पड़ा।
फिलहाल, यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि परीक्षा फॉर्म देर तक जमा होने के कारण प्रवेश पत्र नहीं तैयार हो सके।
गुरुवार को जय नारायण पीजी कॉलेज (केकेसी) में बड़ी संख्या में स्टूडेंट प्रवेश पत्र लेने पहुंचे।
इनका केंद्र डीएवी पीजी कॉलेज में बनाया गया था। वहीं, डीएवी कॉलेज के लॉ स्टूडेंट्स का परीक्षा केंद्र केकेसी था।
दोनों ही कॉलेजों में परीक्षा से पहले बड़ी संख्या में स्टूडेंट पहुंचे, जिन्हें प्रवेश पत्र नहीं मिले थे।
दरअसल, गुरुवार को शुरू हुई लॉ की सेमेस्टर परीक्षा के प्रवेश पत्र लखनऊ विश्वविद्यालय ने बुधवार दोपहर बाद कॉलेज में पहुंचाए थे।
ऐसे में प्रवेश पत्र को लेकर जबरदस्त अफरातफरी रही। एलएलबी त्रि-वर्षीय पाठ्यक्रम के चतुर्थ सेमेस्टर के स्टूडेंट्स का एनवॉयरमेंटल लॉ का पेपर था।
सुबह की पाली में आठ से 11 बजे तक होने वाली परीक्षा से पहले करीब 6:30 बजे कॉलेजों में स्टूडेंट अपनी शिकायत लेकर पहुंचने लगे।
इसके बाद प्राचार्यों ने स्टूडेंट्स को लिखकर दिया कि वे उनके यहां पढ़ते हैं और पिछले साल उनका रोलनंबर यह था।
इसके बाद परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे स्टूडेंट्स ने किसी तरह प्रवेश परीक्षा थी।
वहीं, शुक्रवार को एलएलबी त्रिवर्षीय पाठ्यक्रम के द्वितीय व छठे सेमेस्टर की परीक्षाएं हैं और उनके प्रवेश पत्र भी अभी तक आधे-अधूरे पहुंचे हैं।
ऐसे में स्टूडेंट को शुक्रवार को भी इम्तिहान से पहले प्रवेश पत्र के लिए भाग-दौड़ करनी होगी और परीक्षा देने के लिए दोबारा प्राचार्यों से ही लिखित प्रमाण लेना होगा।
इनके प्रवेश पत्र भी या तो गलत या फिर आधे-अधूरे पहुंचे हैं।
शर्मा, केकेसी के प्राचार्य डॉ. एसडी ने बताया कि कॉलेज में ऐसे कई स्टूडेंट आए, जिनके पास प्रवेश पत्र नहीं था, क्योंकि उनका प्रवेश पत्र एलयू ने बनाकर नहीं भेजा।
ऐसे में हमने स्टूडेंट्स के हित में उनको लिखित दिया कि वे हमारे कॉलेज में एलएलबी के स्टूडेंट हैं। वहीं कई स्टूडेंट के प्रवेश पत्र गड़बड़ होने की शिकायत भी आई है।
ऐसे स्टूडेंट्स की शिकायत पर प्रवेश पत्र को मैन्युअल सही किया जा रहा है। आगे इसे यूनिवर्सिटी से दुरुस्त करवाया जाएगा।
डीएवी के प्राचार्य डॉ. राम विशाल त्रिपाठी ने बताया कि लॉ की सेमेस्टर परीक्षाएं इस बार कॉलेजों के लिए समस्या बन गई हैं। स्टूडेंट्स को जो प्रवेश पत्र मिले हैं, उनमें काफी गड़बड़ियां हैं।
इसमें स्टूडेंट्स के नाम व उनके सब्जेक्ट गलत हैं। गुरुवार को ऐसे स्टूडेंट्स बड़ी संख्या में आए जिनके पास प्रवेश पत्र नहीं था।
इसकी शिकायत हम यूनिवर्सिटी से किस तरह करते क्योंकि प्रवेश पत्र बामुश्किल दोपहर बाद हमें मिल पाया। ऐसे में हमने उन्हें लिखकर दिया कि वे यहीं पढ़ते हैं।