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चंडीगढ़ की गर्ल स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खुशखबरी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 02 Oct 2014 04:43 PM IST
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यूटी प्रशासन ने गरीब परिवारों की कालेजों में पढ़ने वाली छात्राओं को लैपटॉप देने की तैयारी कर ली है। छात्राओं को लैपटॉप देने की योजना को यूटी के प्रशासक शिवराज पाटिल ने मंजूरी दे दी है। पाटिल की मंजूरी के बाद यूटी के उच्च शिक्षा निदेशक (डीएचई) कार्यालय ने शहर के सरकारी कालेजों से जल्द से जल्द इस योजना के तहत आने वाली छात्राओं का डाटा भेजने को कहा है।
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डीएचई कार्यालय में डाटा कंपाइल किया जाएगा और जल्द ही एक समारोह में इन छात्राओं को लैपटॉप दिया जाएगा। प्रशासन कालेज छात्राओं के लिए एक करोड़ रुपये के लैपटॉप खरीदेगा। प्रशासन ने इस योजना का नाम ‘ई स्नातक’ रखा है। यूटी प्रशासन को मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए 10 करोड़ रुपये छात्राओं के लिए बनाई गई चार अलग अलग योजनाओं के लिए मिले हैं। इसमें लैपटॉप के लिए एक करोड़ का प्रावधान किया गया है।
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इस योजना के लिए कालेजों की ओर से नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट-2013 के तहत ही लाभार्थियों की पहचान की जाएगी। इसके तहत डेढ़ लाख रुपये वार्षिक से कम कमाने वाले परिवार को ही आर्थिक तौर पर गरीब माना जाएगा। यूटी के उच्च शिक्षा निदेशक संदीप हंस ने कहा कि यूटी के प्रशासक शिवराज पाटिल की मंजूरी के बाद कालेजों से हमने डाटा मांगा है। डाटा मिलने के बाद हम छात्राओं को लैपटॉप देंगे।
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एक तरफ जहां प्रशासन कालेजों में पढ़ने वाली गरीब परिवार की छात्राओं को लैपटॉप देगा, वहीं स्कूलों में पढ़ने वाली गरीब परिवारों की 11वीं और 12वीं की छात्राओं को ही साइकिल दी जाएगी। प्रशासन ने इस योजना को ‘सरस्वती योजना’ नाम दिया है।
इस योजना पर प्रशासन दो करोड़ रुपये खर्च करेगा। डीपीआई (स्कूल) कार्यालय की ओर से सरकारी स्कूलों से इस योजना के लिए छात्राओं का डाटा मांगा है। ध्यान रहे कि चंडीगढ़ प्रशासन ने वर्ष 2014 को महिला सशक्तीकरण वर्ष घोषित किया है और इसके लिए प्रशासन ने विभिन्न योजनाओं के तहत केंद्र से वर्ष 2014-15 के बजट में 10 करोड़ रुपये मांगे थे।