उत्तराखंड में नहीं होगी बीएमएस की एक भी सरकारी सीटें!
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उत्तराखंड आयुर्वेद विवि और इसके ऋषिकुल व गुरुकुल आयुर्वेदिक कॉलेजों में इस साल बीएएमएस की सीटें मिलने की राह मुश्किल हो गई है।
विवि को 30 जुलाई से पूर्व केंद्रीय भारतीय चिकित्सा परिषद (सीसीआई) का निरीक्षण कराना है, इससे पहले शिक्षकों की भर्ती जरूरी है। लेकिन भर्ती के लिए होने वाली लिखित परीक्षा पर रोक के बाद पूरी प्रक्रिया अटक गई है।
ऋषिकुल और गुरुकुल आयुर्वेदिक कॉलेज, हरिद्वार की मान्यता खतरे में है। इन कॉलेजों में शिक्षकों की कमी होने के चलते इस साल हर हाल में शिक्षक भर्ती कराकर निरीक्षण होना है। इसके तहत पहले ही शासन की एनओसी के आधार पर आयुर्वेद विवि 40 लाख रुपये शुल्क सीसीआई में जमा करा चुका है।
यह भी शपथ पत्र दिया गया है कि 30 जुलाई से पहले विवि और इसके ऋषिकुल व गुरुकुल परिसर में शिक्षकों की भर्ती करने के बाद निरीक्षण करा दिया जाएगा।
दांव पर लगा लगा हजारों विद्यार्थियों का सपना
विवि ने इसकी तैयारियां भी पूरी कर ली थी। लेकिन राजभवन से पत्र आने के बाद पूरी प्रक्रिया रोक दी गई है। अब अगर समय रहते शिक्षकों की भर्ती न हुई तो सीधे 260 बीएएमएस सीटों का नुकसान हो सकता है।
आयुर्वेद विवि ने विवि परिसर के लिए बीएएमएस की 60, ऋषिकुल व गुरुकुल कॉलेजों के लिए 100-100 सीटों की मान्यता की मांग सीसीआई में पेश की है। समय रहते निरीक्षण न हुआ तो इस साल प्रदेश में सरकारी बीएएमएस की सीटें नहीं रहेंगी।
इसके अलावा विवि की ओर से जमा किया गया 40 लाख रुपया भी वापस नहीं होगा। बीएएमएस की सरकारी सीट न होने की वजह से इन पर दाखिले के इंतजार में हजारों युवाओं के सपनों पर पानी फिर जाएगा।