लॉ मार्टीनियर ने मिड सेशन में बढ़ाई 34 प्रतिशत फीस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लॉ मार्टीनियर कॉलेज ने बीच सत्र में अपनी फीस में 34 प्रतिशत तक इजाफा कर दिया है। यह इजाफा स्कूल में अतिरिक्त स्टाफ, शिक्षकों के डीए और मेंटनेंस पर होने वाले खर्च के रूप में किया गया है।
स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों को बताया है कि यह फीस 1 अप्रैल 2014 से लागू की गई है और पूरे सत्र के लिए लागू होगी। बढ़ी फीस को 15 दिसंबर तक जमा करने को कहा गया है।
अचानक की गई इस फीस वृद्धि पर अधिकतर अभिभावकों ने नाराजगी जताई है। अभिभावकों ने बताया कि स्कूल में नर्सरी से 12वीं तक के लिए 8 हजार से साढ़े 9 हजार रुपये तक फीस हर तिमाही ली जाती है।
नई फीस वृद्धि में सभी विद्यार्थी से 11,100 रुपये की समान राशि वसूली जा रही है। ऐसे में अभिभावकों को फीस में 12 से 34 फीसदी तक की वृद्धि का सामना करना पड़ रहा है।
छोटी कक्षाओं में पढ़ रहे बच्चों से भी अतिरिक्त स्टाफ और डीए के नाम पर ढाई हजार से पांच हजार रुपये तक वसूले जाने को अभिभावक समझ से परे बता रहे हैं।
जुटेंगे चार करोड़ रुपये
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल में करीब 4 हजार स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं। हर एक से 11,100 रुपये वसूले जा रहे हैं। इस लिहाज से स्कूल का ट्रस्ट करीब सवा चार करोड़ रुपये जुटा लेगा।
उनका कहना है कि इतनी बड़ी राशि से कौन से डीए और अतिरिक्त स्टाफ के खर्चे चुकाए जाएंगे, यह समझ से परे है।
स्कूल के प्रिंसिपल कार्लाइल मैकफारलैंड की ओर से विद्यार्थियों के अभिभावकों के लिए 24 नवंबर को जारी नोटिस में कहा गया है कि बढ़ते खर्चों की वजह से लॉ मार्टीनियर के ट्रस्टियों और संचालकों की क्षेत्रीय कमेटी ने कॉलेज फीस बढ़ाने का निर्णय किया है।
यह फीस वृद्धि 1 अप्रैल 2014 से लागू होगी। इसके तहत मेंटेनेंस खर्चों, अतिरिक्त स्टाफ के खर्चों और डियरनेस अलाउंस के लिए हर स्टूडेंट्स को कुल 11,100 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। यह रकम पूरे वर्ष के लिए चुकानी होगी।
नोटिस के साथ ही फी-स्लिप दी गई है। फीस जमा कराने के लिए निर्देश दिए गए हैं कि स्कूल के नाम पर बने यूबीआई चैक या बैंक ड्राफ्ट का उपयोग किया जाए और इन्हें स्कूल के गेट संख्या 3 व 4 पर लगे ड्रॉप बॉक्स में डाला जाए।
नहीं लिया जाएगा कैश
कैश रकम नहीं ली जाएगी। वहीं, ऑनलाइन फीस चुकाने के लिए स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट का लिंक भी अभिभावकों को दिया गया है। इस फीस वृद्धि पर अमर उजाला ने स्कूल के प्रिंसिपल से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने अपना पक्ष स्पष्ट नहीं किया।
प्रिंसीपल मैकफारलैंड ने नोटिस में बताया गया है कि 15 दिसंबर तक अभिभावकों को फीस चुकानी होगी और देरी करने पर हर रोज 50 रुपये फाइन देना होगा। देरी होने पर फीस केवल ऑनलाइन जमा की जाएगी।
इस बढ़ी हुई फीस में अभिभावकों से मेंटेनेंस खर्च के रूप मे 3,672 रुपये, अतिरिक्त स्टाफ खर्च के लिए 5,088 रुपये और डियरनेस अलाउंस के रूप में 2,340 रुपये वसूले जाएंगे। अभिभावकों में इस फीस वृद्घि से खासा रोष नजर आ रहा है। उनको ये बढ़ी हुई फीस 15 दिसंबर तक जमा करानी होगी।