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अब इस यूनिवर्सिटी से नहीं कर सकेंगे डी. लिट
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 15 Sep 2015 03:21 PM IST
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डी. लिट की उपाधि लेने की सोच रहे युवाओं के लिए बुरी खबर है। देश की एक यूनिवर्सिटी ने इस पर बैन लगा दिया है। वह अब इसे नहीं कराएगी। ये है कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी। कोर्स पर बैन के प्रस्ताव पर केयू की सुप्रीम बॉडी कार्यकारिणी परिषद (ईसी) ने मुहर लगाई है।
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वहीं कार्यकारिणी परिषद की बैठक में सोमवार को नए कुलपति की नियुक्ति के लिए बनने वाली सर्च कमेटी का गठन कर दो सदस्यों का नामांकन किया गया है। बैठक की अध्यक्षता कार्यकारी कुलपति हरदीप कुमार ने की और बैठक में सभी 18 सदस्य उपस्थित रहे।
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बैठक में 47 मुख्य और 5 टेबल एजेंडों को मिलकर 52 मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में 25 मार्च, 30 मार्च व 6 जुलाई को हुई कार्यकारिणी की बैठक के प्रस्तावों को पारित कर दिया है।
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एकेडमिक काउंसिल की बैठक में डी. लिट की डिग्री को नियमित रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी, लेकिन ईसी सदस्यों ने काफी देर तक चली चर्चा के बाद इस पर रोक लगा दी है।
सूत्रों के अनुसार बैठक में इस पर रोक लगाने का प्रमुख कारण ये रहा कि यूनिवर्सिटी में डी. लिट की डिग्री कराने वाले महज तीन प्रोफेसर हैं, इनमें से दो भी जनवरी माह में रिटायर हो रहे हैं।
सर्च कमेटी का गठन
कार्यकारिणी परिषद की बैठक में नए कुलपति की नियुक्ति के लिए बनने वाली सर्च कमेटी का गठन कर दो सदस्यों का नामांकन किया गया है। इनमें एक हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कुलपति कुलदीप चंद और सिक्किम हाईकोर्ट के सेवानिवृत जस्टिस प्रमोद कोहली का नामांकन किया गया है। सर्च कमेटी के तीसरे सदस्य राज्यपाल एवं कुलाधिपति के नोमिनी सदस्य होंगे।