फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Kejriwal magic disappear within one year, the results showed the Mirror

एक साल में फुर्र हुआ केजरीवाल का जादू, नतीजों ने दिखाया आईना

Sat, 12 Sep 2015 05:38 PM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 12 Sep 2015 05:38 PM IST
विज्ञापन
Kejriwal magic disappear within one year, the results showed the Mirror

दिल्ली यूनिवर्सिटी में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की उम्मीदों को आप की यूथ विंग छात्र युवा संघर्ष समिति की करारी हार से बड़ा झटका लगा है।

विज्ञापन


डूसू चुनाव में सीवाईएसएस का बुरी तरह से सूफडा साफ हुआ और आम आदमी पार्टी की यूथ विंग खाता भी नहीं खोल सकी। वहीं एबीवीपी ने ना केवल जीत दर्ज की बल्कि अध्यक्ष पद के साथ चारों सीटों पर क्लीन स्वीप किया।
विज्ञापन


जबकि कांग्रेस का युवा संगठन एनएसयूआई एक बार फिर वापसी करने में नाकाम रहा। हालांकि इन चुनावों नतीजों के बाद बहस का मुद्दा कांग्रेस की हार नहीं बल्कि केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के संगठन की करारी शिकस्त है।

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रत्याशियों से ज्यादा केजरीवाल का प्रचार

Kejriwal magic disappear within one year, the results showed the Mirror

इसकी वजह दिल्ली सरकार का डूसू चुनाव में जोरदार प्रचार-प्रसार और सीएम का यूनिवर्सिटी चुनाव में पूरा दमखम झोंक देना माना जा रहा है।

दरअसल आम आदमी पार्टी ने इन चुनावों में अपने प्रत्याशियों से ज्यादा प्रचार केजरीवाल के चेहरे और ईमानदार राजनीति का किया। चुनाव प्रचार को देखकर ऐसा लग रहा था कि आम आदमी पार्टी इस चुनाव को प्रतिष्ठा प्रश्न बना चुकी थी। साइन बोर्ड और होर्डिंग्स से लेकर प्रत्येक प्रचार सामग्री पर केजरीवाल की तस्वीर नजर आ रही थी।

सितारों की मौजूदगी में छात्रों को लुभाने के लिए रॉक शो भी किया गया, जिसमें खुद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल मौजूद रहे। इतना ही नहीं विधायकों और सांसदो की ड्यूटी तक छात्र संघ में लगाई गई।

आप ने क्यों बनाया प्रतिष्ठा प्रश्न?

Kejriwal magic disappear within one year, the results showed the Mirror

ऐसे में विपक्षी पार्टियों को एक बार फिर केजरीवाल पर हमला बोलने और चुटकी लेना का मौका मिल गया है। विरोधियों के मुताबिक डूसू चुनाव में केजरीवाल ने धनबल का खूब इस्तेमाल किया और जनता के पैसे को बर्बाद किया।

लेकिन छात्र संघ चुनाव में उन्हें पूरी तरह नकार दिया गया। भाजपा के छात्र संगठन एबीवीपी ने अपनी जीत को केजरीवाल और उनकी सरकार की हार करार दिया है।

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ट्वीट करते हुए एबीवीपी को बधाई दी। अमित शाह ने लिखा कि परिषद के सभी कार्यकर्ताओं को डूसू चुनाव में सभी सीटें जीतने के लिए दिल से बधाई।विचारधारा की जीत।




वित्त मंत्री अरूण जेटली ने भी एबीवीपी को बधाई दी है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत भी छात्र राजनीति से ही की थी।

जानिए किसे मिले कितने वोट?

Kejriwal magic disappear within one year, the results showed the Mirror

President post :
सतेंदर अवाना, एबीवीपी- 20439
प्रदीप विजयरण,एनएसयूआई- 14112
कुलदीव बिधुरी, सीवाईएसएस - 8375
शीतल, आईसा- 7464

Vice President post:
सनी देधा, एबीवीपी- 19671
गरिमा राणा, सीवाईएसएस- 12101
प्रेरणा, एनएसयूआई- 7888
सुधांशु शेखर, आईसा- 6838

Secretary post:
अंजलि राणा, एबीवीपी- 14944
अमित सेहरावत, एनएसयूआई- 10334
राहुल आर्य, सीवाईएसएस- 7153
रवि कुमार, आईसा- 6882

Joint secretary post:
छत्रपाल यादव, एबीवीपी- 16243
दीपक चौधरी, एनएसयूआई- 10178
अभिनव, आईसा- 10045
हितांशी, सीवाईएसएस-8205

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed