मेट्रो में नौकरी से बढ़ा आईटीआई का क्रेज

सचिन त्रिपाठी/लखनऊ Updated Fri, 22 Nov 2013 12:34 PM IST
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job in metro after iti

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लखनऊ में मेट्रो शुरू होने की खबर से युवाओं में रोजगार पाने का एक सपना जाग गया है।
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रोजाना आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) में युवक दाखिले के लिए संपर्क कर रहे हैं।
ग्रेजुएशन व अन्य डिग्री होने के बावजूद आईटीआई में प्रवेश लेने का कारण पूछने पर सभी का कहना है कि आईटीआई का डिप्लोमा होगा, तो मेट्रो भर्ती में वरियता मिलेगी।
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लखनऊ में भले ही मेट्रो को अभी हरी झंडी न मिली हो लेकिन हर कोई अपने-अपने अंदाज में इसकी खुशियां मना रहा है। कुछ लोग मेट्रो को जाम के झंझट से मुक्ति के रूप से देखते हैं तो कई लोग इसे शहर की प्रतिष्ठा से जोड़ते हैं।

इन सबके बीच बेरोजगारों का एक बड़ा वर्ग ऐसा है, जो मेट्रो में नौकरियों के अवसर तलाश रहा है।

इसी कोशिश के तहत कई युवक आईटीआई में प्रवेश के लिए जोर आजमाइश कर रहे हैं। दरअसल, आईटीआई में दाखिले के लिए आवेदन काफी पहले भरवाए चुके हैं। जून में प्रवेश परीक्षा भी हो गई।

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आईटीआई में इस बार प्रदेश स्तर पर मेरिट बनी थी। इस वजह से एक जिले के अभ्यर्थी को दूसरे जनपद में दाखिले का मौका मिला है।

दूसरे जनपद में एडमिशन न लेने की वजह से करीब 40 फीसदी सीटें अभी भी खाली हैं। आईटीआई अलीगंज में अभी भी 125 से ज्यादा सीटें खाली पड़ी हैं।

इन सीटों पर दाखिले की जिम्मेदारी राजकीय आईटीआई के प्रधानचार्यों को सौंपी गई है। इसलिए अभ्यर्थी दाखिले के लिए रोजाना आईटीआई में संपर्क कर रहे हैं।

लखनऊ की मुख्य आईटीआई अलीगंज में ही है। अलीगंज आईटीआई में ही मशीनिस्ट, टर्नर और फिटर जैसे ट्रेडों का प्रशिक्षण दिया जाता है।

यह ट्रेड मेट्रो में काम दिलाने में उपयोगी साबित हो सकते हैं। इसलिए सर्वाधिक अधिक से अधिक युवा प्रवेश लेने की होड़ में हैं।

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