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जेईई मेंस परीक्षा ऑनलाइन देना इन्हें पड़ गया महंगा
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 20 Apr 2014 12:27 PM IST
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सीबीएसई की ओर से आयोजित जेईई मेंस ऑनलाइन परीक्षा देने वाले छात्र परेशान हैं।
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शनिवार को ऑनलाइन परीक्षाएं संपन्न हो गई, लेकिन अब तक किसी भी छात्र को सीबीएसई की ओर से ओएमआर आंसर शीट और प्रश्नपत्र की ई-मेल नहीं मिल पाई है।
ओएमआर आंसर शीट नहीं मिली
सीबीएसई की ओर से छह अप्रैल को जेईई मेंस ऑफलाइन कराने के बाद 9,11,12 व 19 अप्रैल को ऑनलाइन परीक्षा कराई गई।
ऑफलाइन वाले छात्रों को को तो हाथोंहाथ उनकी ओएमआर आंसर शीट की कार्बन कॉपी व प्रश्नपत्र मिल गया था, लेकिन ऑनलाइन वाले छात्रों को बोर्ड के वादे के मुताबिक अभी तक इसका ई-मेल नहीं मिल पाया है।
बोर्ड ने पहले ही घोषणा की थी कि ऑनलाइन वाले छात्रों को उनके ई-मेल पर प्रश्नपत्र व उनकी ओएमआर आंसर शीट की कॉपी भेजी जाएगी।
एक अभ्यर्थी विकास ने कहा कि उन्होंने नौ अप्रैल को ऑनलाइन परीक्षा दी थी, लेकिन अभी तक आंसर शीट नहीं मिल पाई है।
इस वजह से वह यह कैलकुलेशन नहीं कर पा रहे हैं कि जेईई मेंस में उन्होंने कितने सवाल सही किए और कितने गलत।
अंतिम दिन ऑनलाइन परीक्षा आसान आई। वीआर क्लासेज के एमडी वैभव राय ने बताया कि परीक्षा में केमिस्ट्री और फिजिक्स काफी आसान रहा।
एक साल से मार्कशीट के इंतजार में 40 हजार छात्र
श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विवि में स्टाफ की भारी कमी अब छात्रों के लिए मुसीबत बनती नजर आ रही है।
विवि ने गत वर्ष प्राइवेट परीक्षाएं कराई थी, जिसकी मार्कशीट अब तक प्राप्त नहीं हो पाई हैं जबकि मई में विवि की दूसरी परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं। उत्तराखंड मुक्त विवि का हाल भी कुछ ऐसा ही है।
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श्रीदेव सुमन विवि से गत वर्ष करीब 40 हजार छात्रों ने बीए और एमए की प्राइवेट परीक्षाएं दी थी। इन छात्रों का परिणाम तो आ गया था लेकिन एक साल होने को है और मार्कशीट नहीं आ पाई हैं।
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छात्रों को इस बात से नुकसान यह है कि मार्कशीट के आधार पर वह कई जगहों पर आवेदन कर सकते थे लेकिन नहीं कर पा रहे हैं।
स्टाफ की कमी छात्रों के लिए परेशानी
विवि के कुलसचिव प्रो. एके तिवारी ने बताया कि उन्होंने सभी परीक्षा केंद्रों को मार्कशीट भेज दी हैं लेकिन जब दून के परीक्षा केंद्रों पता किया गया तो अभी तक नहीं पहुंच पाई हैं।
विवि की इस वर्ष की परीक्षाएं 10 मई से होना संभावित हैं। इतने लंबे वक्त तक मार्कशीट का न आना कहीं न कहीं विवि में कम स्टाफ को वजह माना जा रहा है।
दूसरी ओर, गत वर्ष सितंबर में आयोजित हुई उत्तराखंड मुक्त विवि की सेमेस्टर परीक्षाओं की मार्कशीट भी अभी तक नहीं आ पाई हैं।