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जेईई मेंस में दी गई सुविधा ही बन गई मुसीबत
आफताब अजमत/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 16 Feb 2014 12:14 PM IST
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इंजीनियरिंग के महामुकाबले जेईई मेंस में पहली बार दी गई त्रुटि सुधार की सुविधा हजारों अभ्यर्थियों के लिए मुसीबत की सबब बन गई है।
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मेरिट सूची पर खतरा मंडराने लगा
आवेदनों में ऑनलाइन सुधार कर चुके अभ्यर्थियों के रोल नंबर अपडेट नहीं हो पा रहे हैं। इससे उनके बोर्ड परीक्षा परिणाम के आधार पर तैयार होने वाली मेरिट सूची पर खतरा मंडराने लगा है।
जेईई मेंस में त्रुटि सुधार के तहत अभ्यर्थियों ने अपने नाम, पिता का नाम, फोटो, हस्ताक्षर आदि अपडेट कर दिए। अभ्यर्थियों को बोर्ड परीक्षा का रोल नंबर भी अपडेट करना है। सुधार कर चुके अभ्यर्थियों को वेबसाइट पर यह विकल्प नहीं मिल रहा है।
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एक छात्र अंकित ने रोल नंबर अपडेट करने के लिए लॉगइन किया तो उस पर अपडेशन का मौका खत्म होने का मैसेज लिखा आया। अब अंकित को इस बात की चिंता है कि 12वीं का रोल नंबर अपडेट न होने की सूरत में उसका साल बर्बाद न हो जाए।
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रोल नंबर से बनती है सीएमएल
जेईई मेंस परीक्षा में से शीर्ष 1.5 लाख अभ्यर्थियों का चयन जेईई एडवांस के लिए किया जाता है। बाकी अभ्यर्थियों के 60 प्रतिशत जेईई मेंस और 40 प्रतिशत 12वीं बोर्ड के अंकों के आधार पर एक कंबाइंड मेरिट लिस्ट (सीएमएल) तैयार की जाती है।
वीआर क्लासेज के वैभव राय ने बताया कि हजारों अभ्यर्थी बोर्ड का रोल नंबर आने से पहले ही त्रुटि सुधार कर चुके हैं। अब वे रोल नंबर अपडेट नहीं कर पा रहे हैं। बोर्ड ने उन्हें मौका नहीं दिया तो उनका भविष्य खतरे में पड़ सकता है।