चार विषय से 12वीं हैं तो भी बन सकते हैं इंजीनियर

अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 28 Nov 2013 10:29 AM IST
jee mains exam
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सीबीएसई ने 2012 और 2013 में चार विषयों के साथ 12वीं करने वालों छात्रों के लिए इंजीनियरिंग की राह आसान कर दी है।
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नये नियम के मुताबिक जेईई मेंस के बाद मेरिट सूची तैयार करने के लिए इन छात्रों की परसेंटाइल चार विषयों के आधार पर ही निकाली जाएगी। हालांकि, 2014 में 12वीं करने वाले छात्रों के लिए पांच विषयों का नियम ही लागू होगा।

जेईई मेंस के शीर्ष 1.5 लाख छात्रों का चयन जेईई एडवांस के लिए होता है। बाकी छात्रों की एक कंबाइंड मेरिट सूची (सीएमएल) तैयार की जाती है। इस सूची में 60 प्रतिशत जेईई मेंस व 40 प्रतिशत बोर्ड परीक्षा के अंक जोड़े जाते हैं।


इसी सूची के आधार छात्रों को एडमीशन मिलता है। अभी तक मेरिट लिस्ट के लिए 12वीं के लिए पांच विषयों के अंक जोड़े जाते थे। इसमें वह छात्र बाहर हो जाते थे जिन्होंने एक वैकल्पिक विषय में कम अंकों के साथ 12वीं की है। नए नियम का फायदा इन्हीं छात्रों को होगा।

इंप्रूवमेंट परीक्षा देने वालों को भी लाभ

सीबीएसई की ओर से जेईई मेंस की वेबसाइट पर जारी सूचना के अनुसार 2014 में इंप्रूवमेंट परीक्षा देने वाले छात्र को भी इस नियम का लाभ मिलेगा।

हालांकि, 2014 में 12वीं पास करने वाले छात्रों की परसेंटाइल पांच विषयों (अंग्रेजी, गणित, फिजिक्स, केमिस्ट्री व शेष दो में से कोई एक ज्यादा अंकों वाले विषय) के आधार पर तय होगी।
 
वैभव क्लासेज के एमडी वैभव राय ने कहा कि ऐसे तमाम छात्र हैं, जिनके चार विषयों में बेहतरीन अंक हैं, लेकिन वैकल्पिक विषय में कम अंक होने के कारण वे मेरिट लिस्ट से बाहर हो जाते थे। यह नियम इन छात्रों के लिए वरदान साबित होगा।

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