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मेहनत ने पहुंचाया वहां, जहां पैसे वाले नहीं पहुंच सके

Wed, 29 Apr 2015 04:14 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 29 Apr 2015 04:14 PM IST
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jee main success story.

पैसे वाले वर्ग की चहेती मानी जाने वाली इंजीनियरिंग में जाना एक गरीब के लिए वैसे सिर्फ सपना माना जाता है।

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वह भी तब, जब सिर पर पिता का साया न हो और मां घरों में बर्तन धोकर गुजारा करती हो। लेकिन देहराखास नदी के किनारे स्थित एक झोपड़पट्टी के इस गरीब परिवार के लिए यह बेहद गर्व का मौका है। बेटे किशन सिंह ने जेईई मेंस परीक्षा पास कर एडवांस के लिए क्वालिफाई कर लिया। अब किशन का सपना एक कामयाब इंजीनियर बनना है।

किशन सिंह बड़ा होने लगा तो पिता किशोरी सिंह ने मजदूरी का दंश मिटाकर उसे पढ़ाने और आगे बढ़ाने का फैसला किया। लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। जब किशन महज पांच साल का था तो पिता का साया सिर से उठ गया। अब मां सीमा मुनि के लिए उस सपने को पूरा करने की पहाड़ सी चुनौती थी।
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मां ने बच्चे को पढ़ाने का फैसला किया, लेकिन यह इतना आसान नहीं था। सबसे बड़ी समस्या पैसों की थी। थोड़ा मुश्किल था लेकिन जल्द ही फैसला किया कि मां मजदूरी करके बच्चे को पढ़ाएगी। जैसे-तैसे सरकारी स्कूल से 12वीं पास कर ली। किशन का सपना अब इंजीनियर बनना था।
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इस सपने को पूरा करने में कोचिंग एक बड़ी जरूरत थी, लेकिन मां के लिए यह नामुमकिन था। तब किसी ने उन्हें बलूनी क्लासेज के बारे में बताया। मां अपने बेटे को लेकर यहां पहुंची। बलूनी क्लासेज ने बच्चे को मुफ्त कोचिंग का फैसला किया।
दो साल की कड़ी मेहनत के बाद सोमवार को आए जेईई मेंस के रिजल्ट में किशन सिंह ने ओबीसी वर्ग में 86 अंक लाकर जेईई एडवांस के लिए क्वालिफाई कर लिया।

बलूनी क्लासेज के एमडी विपिन बलूनी ने बताया कि बच्चे के भीतर आगे बढ़ने की चाहत थी, लेकिन आर्थिक हालात रुकावट बन रहे थे। बलूनी ग्रुप आफ एजुकेशन ने उसे मुफ्त कोचिंग देने का फैसला किया, जो बच्चे के इस सुखद परिणाम के तौर पर सामने है।

...और चमके होनहार

jee main success story.

इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) मेंस परीक्षा में मंगलवार को और होनहार सामने आए। हरिद्वार की बीएचईएल कालोनी निवासी केतन गुप्ता ने परीक्षा में 271 अंक हासिल किए हैं। देहरादून के साहिल भार्गव ने परीक्षा में 257 अंक और उत्तरकाशी (चिन्यालीसौड़) के अमन रमोला ने 240 अंक हासिल किए हैं।

जेईई मेंस परीक्षा का परिणाम सोमवार को जारी हुआ। सर्वर डाउन होने की वजह से तमाम छात्र परिणाम समय से नहीं देख पाए। मंगलवार को परिणाम सामने आए।

डोईवाला निवासी विशाल रावत ने 230 अंक, दून के प्रखर अग्रवाल ने 237 अंक, हरिद्वार के आशीष नौटियाल ने 232 अंक, दून के चिनमय दास ने 223 अंक, रुड़की उमंग त्यागी ने 220 अंक, रुड़की के ही अभिल सिंघल ने 218 अंक हासिल कर प्रदेश का मान बढ़ाया। देर रात तक परिणाम आने का सिलसिला जारी था।

पिता की तरह इंजीनियर बनने का सपना
जेईई मेंस परीक्षा में 271 अंक लाने वाले हरिद्वार के केतन गुप्ता अपने पिता की तरह एक कामयाब कंप्यूटर साइंस इंजीनियर बनना चाहते हैं। उनके पिता अरविंद कुमार गुप्ता बीएचईएल में बतौर एजीएम कार्यरत हैं। केतन का कहना कि पिता को देखकर वह बचपन से ही प्रोग्रामिंग सीख गया है।

हरिद्वार स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल से इसी साल 12वीं की परीक्षा देने वाले केतन गुप्ता ने दसवीं में 9.8 सीजीपीए हासिल किया था। बताया कि एक से दो घंटे की पढ़ाई में उन्होंने कामयाबी हासिल की है।

उनका सपना जेईई एडवांस क्वालिफाई करके आईआईटी से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग करना है। केतन ने फिजिक्स में 94, केमिस्ट्री में 93 और मैथ्स में 84 अंक हासिल किए हैं। केतन की मां कल्पना गुप्ता डीपीएस हरिद्वार में शिक्षिका हैं।

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