JEE Main: जाम से चकनाचूर हुए युवाओं के सपने
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इंजीनियर बनने का ख्वाब देख रहे उत्तराखंड के 700 युवाओं का जेईई मेन (ऑफ लाइन) की परीक्षा जाम की वजह से छूट गई। परीक्षा केंद्रों पर तय समय के बाद पहुंचे अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं दिया गया।
भड़के अभिभावकों ने कई केंद्रों के बाहर जमकर हंगामा किया। परीक्षा से वंचित छात्रों का साल बर्बाद होने से बचाने के लिए फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से शासन को एक रिपोर्ट भेजी जा रही है। हरिद्वार में करीब आठ हजार अभ्यर्थियों के लिए 12 परीक्षा केंद्र थे।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) मेन (ऑफ लाइन) परीक्षा प्रदेश के चार शहरों (हरिद्वार, रुड़की, हल्द्वानी और पंतनगर) में कराई गई। राजधानी देहरादून में इसका कोई केंद्र नहीं बनाया गया था।
यहां से अभ्यर्थियों को रुड़की और हरिद्वार जाना था। रायवाला-मोतीचूर के बीच हाईवे पर जाम लगा था। जाम नहीं खुलने पर अभ्यार्थी लौटे और वाया वाया चीला होते हरिद्वार पहुंचे।
अभिभावकों ने किया स्कूलों के बाहर हंगामा
परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को प्रवेश सुबह नौ बजे मिलना था, लेकिन करीब 700 अभ्यर्थी समय से काफी देर बाद पहुंचे।
अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से रोक दिया गया। इस पर भड़के अभिभावकों ने स्कूलों के बाहर हंगामा कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी हरिद्वार हरिचंद्र सेमवाल ने अपर जिलाधिकारी प्रशासन जीवन सिंह नगन्याल को मामले की रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बताया कि अपर जिलाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर छूटे छात्रों की दोबारा परीक्षा कराने की संस्तुति शासन को भेजी जाएगी। कई अभ्यर्थियों ने सीधे सीबीएसई को भी शिकायत दी है।
इसमें 10 और 11 अप्रैल को होने वाली आनलाइन परीक्षा में शामिल करने की मांग की गई है।