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कोचिंग नहीं सेल्फ स्टडी दिलाएगी IIT की सीट

Fri, 31 Jan 2014 11:28 AM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 31 Jan 2014 11:28 AM IST
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jee advanced 2013 result

आईआईटी जैसी प्रवेश परीक्षाओं में कामयाबी की गारंटी देने वाले कोचिंग संस्थानों के दावे जेईई एडवांस 2013 में झूठे साबित हुए हैं।

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कोचिंग संस्थान फेल
आईआईटी दिल्ली की शोध रिपोर्ट के अनुसार इस परीक्षा में कोचिंग संस्थानों के बजाए सेल्फ स्टडी पर भरोसा करने वाले छात्रों को ज्यादा सफलता मिली है।

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आईआईटी ने गत वर्ष आवेदन के समय ही अभ्यर्थियों से उनकी प्रवेश परीक्षा की तैयारी के पैटर्न की भी जानकारी मांगी थी।

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इस जानकारी के आधार पर यह बात सामने आई कि आईआईआईटी के कुल सात जोन में से महज दो जोन ही ऐसे हैं, जहां सफलता पाने वाले छात्रों में कोचिंग लेने वाले अभ्यर्थियों की संख्या ज्यादा है।
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बदल सकता है पैटर्न
आईआईटी दिल्ली ने शोध रिपोर्ट में यह पाया है कि प्रश्नपत्र में विषय क्रम में गणित तीसरे स्थान पर होने की वजह से कम अभ्यर्थियों ने गणित के पूरे सवाल हल किए हैं।


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ऐसे में आईआईटी की ज्वाइंट इंप्लीमेंटेशन कमेटी ने ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड के सामने यह प्रस्ताव रखा है कि जेईई एडवांस 2014 में गणित को पहले क्रम पर रखा जाए।

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अभी तक प्रश्न पत्र में क्रम फिजिक्स, केमिस्ट्री व गणित का होता था जो कि इस बार गणित, फिजिक्स व केमिस्ट्री हो सकता है।

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नाम के बजाए फैकल्टी के आधार पर कोचिंग संस्थान का चयन करना चाहिए। बच्चों को दाखिला दिलाने से पहले अभिभावकों को संस्थान के बारे में पूरी जांच पड़ताल कर लेनी चाहिए।
- मनु पंत, पूर्व आईआईटीयन

यह जरूरी नहीं है कि कोचिंग से ही आईआईटी में सफलता मिलती है। कोचिंग सिर्फ गाइडेंस के लिए होती है। आईआईटी का प्रश्न पत्र सेल्फ स्टडी वाले अभ्यर्थियों के लिहाज से भी बेहतर होता है।
- डॉ. एलडी सिंघल, पूर्व आईआईटीयन एवं पूर्व लेक्चरर, आईआईटी रुड़की

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