आईटीआईः 5 स्टार होंगे तो लेंगे 20 प्रतिशत ज्यादा फीस
वोकेशनल कोर्सेज की गुणवत्ता सुधारने के लिए पहल की जा रही है। लखनऊ समेत देश भर की आईटीआई को अपनी रेटिंग करानी होगी। यह रेटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में पढ़ाए जाने वाले ट्रेड के आधार पर होगी। रेटिंग में चार या पांच स्टार मिलने पर निजी आईटीआई स्टूडेंट्स से निर्धारित फीस से 20 प्रतिशत ज्यादा फीस ले सकेंगी।
नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग (एननसीवीटी) की सिफारिश के बाद डायरेक्ट्रेट जनरल इंप्लायमेंट एंड ट्रेनिंग (डीजीईटी) ने इस संबंध में वेबसाइट पर निर्देश जारी कर दिए हैं। फिलहाल, रेटिंग की व्यवस्था निजी आईटीआई के लिए ऐच्छिक होगी।
पिछले पांच साल में आईटीआई संस्थानों की बाढ़ आ गई है। पांच साल में देश भर में आईटीआई की संख्या 600 से बढ़कर 1200 पहुंच चुकी है। दूसरी ओर, आईटीआई में पढ़ाए जाने वाले ट्रेड की गुणवत्ता बढ़ने के बजाय लगातार खराब होती जा रही है। ऐसे में एनसीवीटी ने आईटीआई की रेटिंग करने की नई स्कीम जारी की है।
प्राइवेट कॉलेजों के लिए ऑप्शनल होगी स्कीम
निजी आईटीआई के लिए स्कीम फिलहाल ऐच्छिक रखी गई है। मंशा रेटिंग के आधार पर आईटीआई के बीच प्रतिस्पर्धा की भावना जागृत करने की है ताकि वो अपनी क्वालिटी सुधारने की ओर विशेष ध्यान दें।
संस्थानों को रेटिंग दो साल के लिए जारी की जाएगी। निजी आईटीआई को अपनी रेटिंग कराने के लिए आवेदन करना होगा। रेटिंग की जिम्मेदारी आईसीआरए लिमिटेड, क्रेडिट रेटिंग इंफॉर्मेशन सर्विसेज ऑफ इंडिया लिमिटेड और क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया को सौंपी गई है।
रेटिंग की फीस निर्धारित करने की जिम्मेदारी निजी एजेंसियों को ही सौंपी गई है। रेटिंग में इंस्टीट्यूट और ट्रेड का आंकलन होगा, रेटिंग में 70 प्रतिशत ट्रेड और 30 प्रतिशत अंक इंस्टीट्यूट के आधार पर दिए जाएंगे, दोनों का औसत निकालकर अधिकतम 10 अंक दिए जाएंगे। 8 से 10 के बीच अंक पाने वालों को 5 स्टार रेटिंग मिलेगी।