यूपी बोर्ड: बचे दो दिन और फॉर्म भरने हैं 50 हजार
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शैक्षिक सत्र 2013-14 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं की तैयारी में लगे 50 हजार से ज्यादा बच्चों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
शिक्षा विभाग और स्कूल प्रबंधन की लापरवाहियों का खामियाजा अब ये बच्चे ही भुगतने वाले हैं। हालात ये हैं कि बोर्ड परीक्षा में आवेदन करने के लिए सिर्फ दो दिन बचे हैं और 250 से ज्यादा स्कूलों को बोर्ड परीक्षा फॉर्म ही नहीं मिल पाए हैं।
वहीं, 48 से ज्यादा स्कूलों के चालान जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में रोके गए हैं। इन परिस्थितियों में तय समय-सीमा में आवेदन की प्रक्रिया पूरी करना असंभव मालूम पड़ता है। इधर, फॉर्म न मिलने से परेशान स्कूल प्रबंधकों ने गुरुवार को जमकर हंगामा किया।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं के लिए आवेदन की प्रक्रिया अगस्त के पहले सप्ताह में शुरू की गई थी। माध्यमिक शिक्षा परिषद के कार्यक्रम के अनुसार 20 अगस्त तक बच्चों द्वारा स्कूल में एप्लीकेशन फॉर्म और परीक्षा फीस जमा कराई जानी चाहिए थी।
स्कूलों द्वारा सभी एप्लीकेशन फॉर्म और परीक्षा फीस ट्रेजरी व जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में जमा कराने की अंतिम तारीख 31 अगस्त निर्धारित की गई। जिम्मेदारों और स्कूलों के स्तर पर हुई गड़बड़ियों के चलते प्रक्रिया पिछड़ गई है।
10 दिन का काम दो दिन में कैसे हो पूरा?
हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के परीक्षा फॉर्म के वितरण की प्रक्रिया ही देर से शुरू की गई। क्वींस इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. आरपी मिश्र ने बताया कि निर्धारण कार्यक्रम के तहत सभी फॉर्म 15 अगस्त से पहले स्कूलों में पहुंच जाने चाहिए थे लेकिन वितरण की प्रक्रिया ही 20 अगस्त के बाद सुचारू हो पाई।
अब स्थिति ये है कि आवेदन के लिए अंतिम दो दिन बचे हैं। अभी तक 670 में से करीब 350 स्कूलों को ही फार्म मिल पाए हैं। बचे हुए स्कूलों को फॉर्म कब मिलेंगे, कब बच्चे फॉर्म भरेंगे और कब स्कूल सभी फॉर्म डीआईओएस ऑफिस में जमा कराएंगे? निश्चित ही काम पूरा होने में 10 दिन और लगेंगे।
48 से ज्यादा स्कूलों के फंसे चालान
आवेदन प्रक्रिया की अंतिम तारीख नजदीक होने के बाद भी करीब 48 स्कूलों के फॉर्म फंसे हैं। अधिकारी इसके लिए स्कूल प्रबंधकों को जिम्मेदार बता रहे हैं। आरोप है कि राजधानी के इन स्कूलों ने माध्यमिक शिक्षा परिषदों के नियमों के विरुद्ध मानमाने ढंग से 10वीं-12वीं में दाखिले लिए हैं।
डीआईओएस उमेश त्रिपाठी ने बताया कि नियमत: एक स्कूल हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में सिर्फ दस ट्रांसफर केसेज के एडमिशन ले सकते हैं जबकि करीब 48 स्कूलों ने मनमाने ढंग से दाखिले लिए हैं। इन स्कूलों से सभी ट्रांसफर केस के ब्यौरे के साथ उपस्थित होने के आदेश दिए गए हैं।