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जांच कमेटी ने दी सिर्फ मारपीट की रिपोर्ट
आशीष त्रिवेदी/लखनऊ
Updated Wed, 02 Oct 2013 01:28 AM IST
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गोयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में बी-फॉर्मा फर्स्ट ईयर के छात्र अमर शुक्ला के साथ उसके दो सीनियर छात्रों ने मारपीट तो की थी लेकिन वह रैगिंग नहीं है।
क्योंकि पीड़ित छात्र दोनों सीनियर छात्रों को जानता था। पहले दोनों साथ-साथ रह भी चुके हैं। ऐसे में यह आपसी रंजिश के तहत मारपीट हुई है।
मामले की जांच कर रही कमेटी ने जीबीटीयू प्रशासन को अपनी रिपोर्ट मंगलवार को सौंप दी। हालांकि आरोपी छात्रों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
अब इनके परिसर में आने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक जो रिपोर्ट जीबीटीयू प्रशासन को दी गई है, उसमें मारपीट का जिक्र किया गया है।
रैगिंग की बात रिपोर्ट में है ही नहीं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि सीनियर छात्र रैगिंग वाली सजा से बच जाएंगे।
मगर उन्हें मारपीट की सजा मिलेगी। मालूम हो कि गोयल इंस्टीट्यूट के बी-फॉर्मा फर्स्ट ईयर के छात्र अमर शुक्ला ने शिकायत की थी कि बी-फॉर्मा अंतिम वर्ष के छात्र भवन कांत और गोविंद राय ने बुरी तरह पीटा था।
पीड़ित छात्र ने इस मामले की शिकायत यूजीसी की सेंट्रल एंटी रैगिंग सेल में दर्ज कराई थी। इसके बाद मामले की जांच जीबीटीयू को दी गई।
स्टेट एंटी रैगिंग सेल के प्रभारी प्रो. जगवीर सिंह जांच स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंस (एसएमएस) के निदेशक प्रो. बीआर सिंह से करवाई।
प्रो. जगवीर सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट जीबीटीयू प्रशासन को सौंप दी है। आग की कार्रवाई अधिकारी करेंगे।
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क्योंकि पीड़ित छात्र दोनों सीनियर छात्रों को जानता था। पहले दोनों साथ-साथ रह भी चुके हैं। ऐसे में यह आपसी रंजिश के तहत मारपीट हुई है।
मामले की जांच कर रही कमेटी ने जीबीटीयू प्रशासन को अपनी रिपोर्ट मंगलवार को सौंप दी। हालांकि आरोपी छात्रों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
अब इनके परिसर में आने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक जो रिपोर्ट जीबीटीयू प्रशासन को दी गई है, उसमें मारपीट का जिक्र किया गया है।
रैगिंग की बात रिपोर्ट में है ही नहीं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि सीनियर छात्र रैगिंग वाली सजा से बच जाएंगे।
मगर उन्हें मारपीट की सजा मिलेगी। मालूम हो कि गोयल इंस्टीट्यूट के बी-फॉर्मा फर्स्ट ईयर के छात्र अमर शुक्ला ने शिकायत की थी कि बी-फॉर्मा अंतिम वर्ष के छात्र भवन कांत और गोविंद राय ने बुरी तरह पीटा था।
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पीड़ित छात्र ने इस मामले की शिकायत यूजीसी की सेंट्रल एंटी रैगिंग सेल में दर्ज कराई थी। इसके बाद मामले की जांच जीबीटीयू को दी गई।
स्टेट एंटी रैगिंग सेल के प्रभारी प्रो. जगवीर सिंह जांच स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंस (एसएमएस) के निदेशक प्रो. बीआर सिंह से करवाई।
प्रो. जगवीर सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट जीबीटीयू प्रशासन को सौंप दी है। आग की कार्रवाई अधिकारी करेंगे।