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अपनी पानी की टंकी को ऐसे बनाए पावरहाउस
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 22 Dec 2013 03:34 PM IST
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अगर घर की पानी की टंकी ही आपका पावरहाउस बन जाए तो...? देहरादून के गांधी इंटर कॉलेज के छात्र नवीन टम्टा ने ऐसा करने का प्रयास किया है।
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उन्होंने बेकार की चीजों के इस्तेमाल से ऐसा जेनरेटर बनाया है जो घर में टंकी के पानी से और हाथ से चलाकर बिजली बनाता है। इसके लिए स्कूल स्तर की विज्ञान प्रदर्शनी में नवीन को काफी सराहना मिल रही है।
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एसी और डीसी दोनों करंट पैदा करता है
पौड़ी के डुलमोट गांव निवासी और दून में सहस्त्रधारा रोड पर रहने वाले नवीन 12वीं के छात्र हैं। नवीन ने एक ऐसा जेनरेटर बनाया है जो एसी और डीसी दोनों करंट पैदा करता है।
इस जेनरेटर की वजह से एनसीईआरटी की राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में नवीन पहले स्थान पर रहे। अब वह राष्ट्रीय स्तर पर अपना जेनरेटर पेश करने वाले हैं। नवीन के पिता विनय चंद्र टम्टा एक कॉलेज में बस ड्राइवर हैं।
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गांधी इंटर कॉलेज के प्राचार्य अवधेश कुमार ने बताया कि नवीन के प्रोजेक्ट को ब्लॉक से लेकर राज्य स्तर तक जितनी सराहना मिली है, उससे राष्ट्रीय स्तर में भी कामयाब होने की पूरी उम्मीद है।उन्हें इस प्रोजेक्ट में शिक्षिका दीपमाला का मार्गदर्शन मिल रहा है।
किताबों ने दिया आइडिया
नवीन ने बताया कि कुछ समय पूर्व कालेज की लाइब्रेरी में पड़ी पुरानी और फट चुकी किताबें उन्हें मिलीं। इनमें एसी और डीसी करंट बनाने की जानकारी थी।
यहीं से जेनरेटर बनाने का विचार आया। नवीन ने कपड़े टांगने के हैंगर, रिफाइंड के खाली टिन, खराब प्रकार, स्पीकर के चुंबक, तांबे की तार और कच्चे लोहे की पट्टियों से जेनरेटर बनाया है।
ऐसे करता है काम
जेनरेटर में एक हैंडल लगा है। इसे घुमाने पर भीतर लगा डायनमो चलने लगता है। इससे बनने वाली बिजली से एलईडी बल्ब, रिचार्जेबल बैटरी और छोटा पंखा चल सकता है। नवीन बताते हैं कि एक ही डायनमो से एसी-डीसी करंट बनता है।
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यह छह वोल्ट तक बिजली उत्पन्न करता है। इसकी पावर बढ़ाने के लिए तारों की संख्या बढ़ाई जाती है। पानी से चलाने के लिए डायनमो को पानी की टंकी से कनेक्ट किया जाता है। पानी के दबाव से डायनेमो को घुमाया जाता है जिससे बिजली पैदा होती है।