एमिटी विवि में ‘इन्सपायर’ इंटर्नशिप प्रोग्राम
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एमिटी विश्वविद्यालय और विज्ञान व तकनीकी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में
वहीं, दूसरे दिन के प्रथम सत्र की शुरुआत ज्ञानवर्धक लघु नाटिका के साथ हुई। एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी विभाग के शिक्षक व कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत यह नाटिका खाद्य सामग्रियों में मिलावट पर आधारित थी।
इससे छात्रों को खाने-पीने की वस्तुओं में हो रही मिलावटों को जांचने के वैज्ञानिक और घरेलू तरीकों की जानकारी दी गई।
इसके
बाद बीरबल साहनी पुरावनस्पति संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. चंद्र मोहन नौटियाल
ने रेडियो कार्बन-14 डेटिंग पद्धति के बारे में बताया।
वहीं, विज्ञान एवं
तकनीकी विभाग के अर्थ साइंस पीएसी के चेयरमैन और प्रोफेसर अशोक साहनी ने
छात्रों को पृथ्वी पर डायनासोर युग के बारे में बताया।
पृथ्वी की रचना,
भू-गर्भीय संरचना, वातावरण और रिमोट सेंसिंग टेक्नोलॉजी से जुड़ी
जानकारियों को छात्रों के साथ साझा करने के लिए प्रसिद्ध जियोलॉजिस्ट और
रिमोट सेंसिंग एप्लिकेशन सेंटर, लखनऊ के निदेशक डॉ. पी.एन. शाह भी छात्रों
से मुखातिब हुए।