अभावों को मात दे भरी सपनों की उड़ान
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परिषदीय स्कूलों के बच्चों के पास संसाधन भले न हों लेकिन उनकी वैज्ञानिक
राजधानी के राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज में आयोजित इन्सपायर अवॉर्ड विज्ञान प्रदर्शनी में बाल वैज्ञानिकों ने अपने मॉडल्स से निर्णायक मंडल को भी आश्चर्यचकित कर दिया।
विभिन्न स्कूलों से आए करीब 79 बच्चों ने इसमें भाग लिया। इसमें उच्च
प्राथमिक विद्यालय सिकंदरपुर गोसाईंगंज की छात्रा कोमल ने सेंसर टाइट से
बिजली की समस्या का हल दिया।
वर्किंग मॉडल से कोमल ने सूरज की रोशनी को
बिजली में परिवर्तित करके उसके विभिन्न इस्तेमालों को दर्शाया। राजाजीपुरम
के एक छात्र ने आग के समय सुरक्षा के तरीकों से रूबरू कराया।
खानापूर्ति के आरोप
बाल
वैज्ञानिकों की तलाश में शुरू की गई इन्सपायर अवॉर्ड योजना के नाम पर
राजधानी में सिर्फ खानापूर्ति करने के आरोप भी लग रहे हैं। आरोप है कि इस
जिला स्तरीय प्रदर्शनी के संबंध में दो दिन पहले स्कूलों को सूचना दी गई।
इसके बाद बच्चों को मॉडल तैयार करने के निर्देश जारी किए। इसी की नतीजा है
कि प्रदर्शनी में वर्किंग मॉडल लाने के निर्देशों के बाद भी कई छात्र सिर्फ
चार्ट पर चित्र बनाकर ले लाए।
उधर, अमीनाबाद इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल जेपी
मिश्र का आरोप है कि इस प्रदर्शनी के संबंध में स्कूलों को सूचना ही नहीं
दी गई। उन्होंने इस प्रदर्शनी को दोबारा कराने और उनके स्कूल को भी शामिल
करने की मांग की है।