20 हजार युवाओं को नौकरी देगा इन्फोसिस
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राज्य के युवाओं को अब नौकरी के लिए नहीं भटकना पड़ेगा। आने वाले सालों में राज्य के 20 हजार युवाओं को इन्फोसिस में नौकरी के अवसर मिलेंगे।
यह बात शनिवार को डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल ने इन्फोसिस कैंपस का नींव पत्थर रखने के बाद कही। इस मौके पर इन्फोसिस के संस्थापक एवं एग्जीक्यूटिव चेयरमैन एनआर नारायण मूर्ति भी हाजिर थे।
इस मौके पर पूजा पाठ के बाद डिप्टी सीएम ने इन्फोसिस का नींव पत्थर रखा। डिप्टी सीएम ने कहा कि इन्फोसिस के यहां आने से पंजाब में आईटी क्षेत्र में क्रांति आएगी। इससे राज्य की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि इन्फोसिस कैंपस के पहले चरण में करीब 4.25 करोड़ रुपये कर निवेश करेगी। साथ ही करीब 6.5 लाख वर्ग फीट बिल्ट-अप एरिया तैयार किया जाएगा।
पांच हजार सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल्स नियुक्त होंगे
पांच हजार सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल्स नियुक्त किए जाएंगे। फेज-1 अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। अगले चौबीस महीनों में कैंपस बनकर तैयार हो जाएगा।
कैंपस को आरएसपी डिजाइन कंसल्टेंट्स ने तैयार किया है। इसे ग्रीन रेटिंग फॉर इंटीग्रेटेड हेबिटेट एसेसमेंट (जीआरआईएचए) और लीडरशिप इन एनर्जी एंड एन्वायर्नमेंटल डिजाइन (लीड) की उच्चतम रेटिंग प्राप्त गाइड लाइंस के अनुसार विकसित और क्रियान्वित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बिल्डिंग डिजाइन, ऊर्जा उपयोग और पानी की खपत में कई नए इनोवेटिव उपायों का इस्तेमाल किया जा रहा है। भवन में आधुनिक कूलिंग तकनीक, प्राकृतिक प्रकाश, वॉटर रीसाइक्लिंग और पर्यावरण के अनुकूल निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है।
क्या कहा, इन्फोसिस के संस्थापक ने
इन्फोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति ने कहा कि पंजाब में कंपनी का यह पहला कैंपस है। उन्होंने राज्य द्वारा तैयार की गई पॉलिसी की प्रंशसा की।
साथ ही सरकार द्वारा दिए जा रहे सहयोग के प्रति धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि इससे पहले चंडीगढ़ में इन्फोसिस के पहले कैंपस का संचालन वर्ष 2006 में हुआ था। जिसमें 6000 से अधिक लोगों को रोजगार मिला था।
कंपनी ने इस कैंपस में 332 करोड़ रुपये का निवेश किया है। डेवलपमेंट सेंटर की वर्तमान वार्षिक टर्नओवर 1300 करोड़ रुपये से अधिक है।
वहीं, कृष्णमूर्ति ने बताया कि जल्दी ही कंपनी इंदौर और नोएडा में नए सेंटर स्थापित करने जा रही है, क्योंकि उनके अधिकतर कर्मचारी उत्तरी भारत के हैं। वे अपने घरों के पास नौकरी करना चाहते हैं। इसलिए उन्होंने उत्तरी भारत में कंपनी विस्तार का निर्णय लिया।
सौ दिनों में सपना हुआ सच
इस मौके पर सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि इन्फोसिस को पंजाब में लाना उनका सबसे बड़ा सपना था। जो आज सच हो गया है।
उन्होंने कैंपस को मोहाली में लाने का लक्ष्य रखा था, जिससे उन्हें तय समय सौ दिनों में हासिल कर लिया। उन्होंने बताया कि आईटी सिटी में इन्फोसिस के अलावा 26 अन्य कंपनियों को भी जमीन के लिए एलओआई जारी किया है।
उन्होंने बताया कि हैदराबाद, बैंगलुरू और गुड़गांव के बाद मोहाली सबसे बड़ा आईटी हब बनेगा। उन्होंने बताया कि आईटी सिटी से एयरपोर्ट की दूरी पांच किलोमीटर है। जबकि एजुकेशन सिटी, मेडिसिटी एवं न्यू-चंडीगढ़ भी पास है।