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नए सत्र में नहीं होगा दाखिले के नाम पर फर्जीवाड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, बल्लभगढ़
Updated Mon, 29 Feb 2016 03:59 AM IST
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स्कूलों में दाखिलों के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े पर जल्द ही लगाम कस जाएगी। शैक्षणिक सत्र से पहले शिक्षा विभाग निजी स्कूलों से एमआईएस के तहत बच्चों से लेकर स्कूल तथा स्टाफ का डाटा ऑनलाइन करने की योजना पर काम कर रहा है। योजना में थ्री-एस यानि स्कूल, स्टूडेंट स्टाफ पर जोर दिया गया है।
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गौरतलब है कि मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (एमआईएस) सिस्टम के तहत बच्चों के रिकॉर्ड ऑनलाइन किए जाने का काम किया जा रहा है। इस सिस्टम के तहत प्रदेश भर के हर स्कूल का कोड दिया गया है। स्कूल की स्थिति का रिकॉर्ड ऑनलाइन होगा कि स्कूल में कितने स्टाफ सदस्य तथा बच्चे हैं। स्कूल की लोकेशन क्या है, यह ग्रामीण क्षेत्र में है या शहरी में जैसे अन्य डिटेल होंगी।
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इसके अलावा प्रत्येक बच्चे को एक यूनिक कोड दे दिया जाएगा। इसके आधार से बच्चा जहां भी पढ़ेगा उसकी डिटेल विभाग की वेबसाइट पर होगी। इस डिटेल में बच्चे के आधार कार्ड, बैंक अकाउंट, बैंक आईएफसी कोड, माता की डिटेल, पिता की डिटेल, मेल एड्रेस, बच्चे के परिवार में कितने सदस्य तथा कहां-कहां पढ़ते हैं, परिवार की कितनी इनकम है, सहित पूरी जानकारी को विभाग की वेबसाइट पर डाला जाएगा।
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इससे बच्चे का फर्जी दाखिला भी नहीं दिखाया जा सकता, क्योंकि जैसे ही नेट पर उसकी डिटेल दोबारा से डाली जाएगी, कंप्यूटर पहले से ही डिटेल फीड होने का हवाला देकर इसे रिजेक्ट कर देगा। बच्चे का यूनिक कोड आधार अकाउंट से जुड़ा होगा। हालांकि स्कूलों का रिकॉर्ड तो ऑनलाइन कुछ माह पहले से किया जा रहा है, मगर वो रिकॉर्ड स्कूल लेवल का है, अब एमआईएस के तहत प्रत्येक बच्चे का अपना रिकॉर्ड होगा।
डाटा कलेक्ट करने में नहीं होगी परेशानी:
शिक्षा विभाग के मुख्यालय को निजी स्कूल, उसके स्टाफ या बच्चों की किसी प्रकार की जानकारी लेनी होती है तो जिला स्तर से लेकर स्कूल स्तर तक जानकारी जुटाई जाती है। इसमें काफी समय बर्बाद होता है। आमतौर पर निजी स्कूल विभाग को सही जानकारी देते भी नहीं थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। एमआइएस पोर्टल पर डाटा ऑनलाइन होने के बाद मुख्यालय से अधिकारी एक क्लिक पर ही डाटा कलेक्ट कर पाएंगे।
एमआइएस द्वारा दाखिले और अकादमिक कार्यों में हो रहे फर्जीवाड़े पर लगाम लग जाएगी। नए शैक्षणिक सत्र से पहले विभाग निजी स्कूलों से पहले हमारा प्रयास है कि हर स्कूल डाटा ऑनलाइन कर दें।
सतेंद्र वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी
मुकेश शर्मा