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...तो होमगार्ड करा रहे लखनऊ पॉलीटेक्निक में रैगिंग !

Tue, 17 Sep 2013 08:27 AM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
टीम डिजिटल/लखनऊ Updated Tue, 17 Sep 2013 08:27 AM IST
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in lko polytechnic home guards are responsible for ragging

कानपुर रोड स्थित लखनऊ पॉलीटेक्निक कॉलेज में होमगार्ड प्रथम वर्ष के

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छात्रों की रैगिंग करा रहे हैं।

सुनने में अटपटा जरूर है, लेकिन ये ही सच है। होमगार्ड्स 38 सालों से छात्रों के हॉस्टल पर कब्जा जमाए बैठे हैं। मजबूरन छात्रों को बाहर कमरे लेकर किराए पर रहना पड़ रहा है।

एक ओर अवैध कब्जे के चलते गरीब परिवारों से आए इन छात्रों को मोटा किराया भरना पड़ रहा है। वहीं सीनियर्स को रैगिंग लेने का भी आसान अवसर मिल जाता है।

कॉलेज में अभी तक सामने आए रैगिंग की 80 फीसदी शिकायतों में कैंपस के बाहर रहने वाले छात्रों को ही शिकार बनाया गया है। वर्तमान शैक्षिक सत्र में सरकारी सहायता प्राप्त लखनऊ पॉलीटेक्निक कॉलेज में 480 छात्र-छात्राओं ने दाखिले लिए हैं।

इसमें करीब 360 छात्र-छात्राएं दूसरे शहरों से पढ़ने आए हैं। इन छात्रों के रहने के लिए दो हॉस्टल हैं। चौबे मुक्ता प्रसाद हॉस्टल और राय राजेश्वर बली हॉस्टल। 360 में से 90 छात्र चौबे मुक्ता प्रसाद हॉस्टल में रहते हैं।

हॉस्टल में रहने वाले छात्रों से प्रति वर्ष 1,900 रुपये का शुल्क लिया जाता है। वहीं राय राजेश्वर बली हॉस्टल में होमगार्ड्स का अवैध कब्जा है। इसके चलते बचे हुए करीब 270 छात्र-छात्राएं कॉलेज के आसपास के इलाके में किराए पर कमरे लेकर रहते हैं। वहां छात्रों को प्रतिमाह एक से दो हजार रुपये किराया देना पड़ता है।

तीन साल की थी लीज

60 कमरों वाले राय राजेश्वर बली हॉस्टल का निर्माण राजा राय राजेश्वर बली के सहयोग से किया गया था। 12 मई 1972 को होमगार्ड्स को ये हॉस्टल 1,700 प्रतिमाह किराए पर तीन साल की लीज पर दिया गया।

1975 में समय खत्म होने के बाद भी ये परिसर खाली नहीं किया गया। 38 साल बाद भी कॉलेज प्रशासन इसे खाली कराने के लिए प्रयासरत है। इस पूरे मामले को लेकर प्राविधिक शिक्षा परिषद से लेकर प्रमुख सचिव होमगार्ड तक को पत्र लिखा जा चुका है। लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही है।

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