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आईएमएस पर वसूली का आरोप

Fri, 20 Dec 2013 01:15 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 20 Dec 2013 01:15 PM IST
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ims students barred to examination

देहरादून के आईएमएस इंस्टीट्यूट ने कम अनुपस्थित पर 109 छात्रों के परीक्षा में बैठने पर पाबंदी लगा दी है।

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इन छात्रों को डिबार की श्रेणी में रखा गया। परीक्षा से ठीक एक दिन यह सूची जारी हुई तो छात्रों ने संस्थान में जमकर हंगामा किया। इस सूची में लॉ, बीबीए द्वितीय व तृतीय वर्ष के छात्र शामिल हैं।
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उपस्थिति के नाम पर वंचित किया
छात्रों का कहना है विवि एडमिट कार्ड जारी कर चुका है, लेकिन उन्हें अब उपस्थिति के नाम पर वंचित किया जा रहा है। उधर, संस्थान का कहना है कि 60 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले छात्र परीक्षा में नहीं बैठ सकते।
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मामले की जानकारी मिलते ही छात्रों ने संस्थान में हंगामा शुरू कर दिया। छात्र परिसर में ही धरने पर बैठ गए। सूचना मिलने पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा। छात्रों का आरोप है कि विवि की ओर से परीक्षा योग्य माने जाने के बावजूद संस्थान आईएमएस डीम्ड यूनिवर्सिटी के नियम उन पर थोप रहा है।

पांच से दस हजार रुपए वसूली का आरोप
छात्रों का कहना है कि उनके एडमिट कार्ड कॉलेज स्तर पर रोके गए हैं। देर शाम तक छात्र वहीं जमे रहे, जिन्हें बाद में पुलिस ने परिसर से बाहर निकाल दिया। छात्रों ने कम उपस्थिति के नाम पर संस्थान पर पांच से दस हजार रुपए वसूली का भी आरोप लगाया।

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परीक्षा फॉर्म विवि में जमा करते वक्त हमें यह जिम्मेदारी लेनी होती है कि प्रत्येक छात्र की उपस्थिति 75 प्रतिशत तक होगी। इस आधार पर एडमिट कार्ड तो आ सकता है लेकिन यदि उपस्थिति कम हुई तो इसके दोषी हम ही होंगे।

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