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सारे नियम तोड़ दो, नियम पर चलना छोड़ दो...

Mon, 12 Aug 2013 11:37 PM IST
देहरादून/आफताब अजमत
देहरादून/आफताब अजमत Updated Mon, 12 Aug 2013 11:37 PM IST
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IMS student protest against rules

आईएमएस यूनिसन विश्वविद्यालय ने छात्रों को अनुशासन में रखने के लिए कुछ नियम-कायदे बनाए तो छात्र भड़क गये। विरोध में छात्रों ने कालेज के मुख्य गेट का ताला तोड़ने के बाद सड़क पर जाम लगा दिया।

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इस बीच जाम में फंसे लोगों और छात्रों के बीच कई बार बहस भी हुई। छात्रों का आरोप था कि विवि प्रशासन उनकी किसी भी मांग को गंभीरतापूर्वक नहीं सुन रहा है। जबकि विवि प्रशासन का कहना है कि उसने जो भी नियम कायदे बनाए हैं वह छात्रों के हित में हैं।
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भड़क गए छात्र
सोमवार को कालेज खुलते ही बीबीए, मास कॉम और लॉ के सीनियर छात्र विवि के नियमों पर भड़क गए। छात्रों का आरोप था कि विवि प्रशासन उन पर ऐसे नियम थोप रहा है, जो स्कूल में लागू होते हैं। कालेज की टाइमिंग साढ़े तीन बजे से बढ़ाकर साढ़े चार बजे कर दिया गया है।

एक लेक्चर बंक करने पर जुर्माना लगाया जाता है और अभिभावकों से शिकायत की जाती है। कालेज का गेट सुबह बंद कर दिया जाता है, जो शाम साढ़े चार बजे के बाद खोला जाता है। इस बीच अगर छात्रों को खाना लेना हो तो केवल कैंटीन ही विकल्प है।

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ताला तोड़ दिया

छात्रों का आरोप था कि लिखित शिकायत के बावजूद विवि प्रशासन समस्या को अनदेखा कर रहा है। गुस्साए छात्रों ने पहले धक्का मारकर मुख्य गेट का ताला तोड़ा, फिर मसूरी रोड पर जाम लगा दिया। करीब 15 मिनट तक जाम लगाने के बाद कुछ सीनियर छात्र विवि परिसर में लौट गए।

हंगामा कर रहे छात्रों को समझाने के लिए विवि के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे लेकिन कोई हल नहीं निकला। बाद में सभी नाराज छात्रों को वार्ता के लिए बुलाया गया। देर शाम तक विवि और छात्रों के बीच दो दिनों में हल निकालने पर समझौता हुआ।


दो दिन बाद आएगा फैसला
विवि नियमों पर दो दिन बाद फैसला सुनाएगा। छात्रों से विवि के निदेशक डा. पवन अग्रवाल और कुलपति प्रो. एमपी जैन ने वार्ता की। इनका कहना है कि जो भी नियम बनाए गए हैं वह छात्रों के हित में हैं। विश्वविद्यालय का मकसद छात्रों को परेशान करना नहीं है।

एनओसी नहीं दे रहे
अंतिम वर्ष के कई छात्रों का आरोप था कि उन्हें जॉब ऑफर मिल गया है, लेकिन विवि की ओर से एनओसी नहीं दी जा रही है। कहा जा रहा है कि अंतिम सेमेस्टर पूरा होने के बाद एनओसी दी जाएगी। छात्रों का कहना है कि जिस नौकरी के लिए पढ़ाई कर रहे हैं, अगर वही समय पर नहीं मिलेगी तो कालेज का क्या फायदा।

इनकी भी सुनिएः
जो छात्र हंगामा कर रहे हैं, वह गढ़वाल और यूटीयू विवि से संबद्ध पाठ्यक्रम के हैं। यहीं के नियमों को ही उनके लिए लागू किया गया है। हमारा मकसद छात्रों को परेशान करना या उनका शोषण करना नहीं है। दो दिनों में जरूर कुछ नतीजा निकालेंगे और छात्रों के हित में ही फैसला लेंगे।
-अमित अधलखा, कुलसचिव, आईएमएस यूनिसन विवि

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छात्र इन नियमों को मानने से कर रहे हैं इनकार
-यूनिवर्सिटी ने कॉलेज बंद होने का समय साढ़े तीन से बढ़ाकर साढ़े चार किया
-एक भी क्लास बंक करने पर छात्रों को देगा होगा 500 रुपए जुर्माना
-पैरेंट्स से सीधे फोन पर की जाएगी छात्रों की शिकायत
-कॉलेज बंद होने से पहले कोई छात्र नहीं जा सकेगा कैंपस से बाहर

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