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गेस्ट टीचर्स की नौकरी पर हाईकोर्ट का अहम फैसला

Sat, 30 May 2015 11:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़। Updated Sat, 30 May 2015 11:48 AM IST
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हरियाणा में सरप्लस गेस्ट टीचर 29 जून के बाद स्वत: ही बर्खास्त समझे जाएंगे। हरियाणा सरकार की ओर से सरप्लस गेस्ट टीचरों के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दाखिल जवाब के बाद जस्टिस अमित रावल की बेंच ने सरकार को 29 जून तक उचित कार्रवाई का आदेश दिया है। साथ ही कहा है कि जो भी सरप्लस गेस्ट टीचर होगा, उसे 29 जून के बाद बर्खास्त समझा जाएगा।

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एडवोकेट जनरल ने कोर्ट में पेश होकर बताया कि 28 गेस्ट टीचरों ने नोटिस का जवाब नहीं दिया, उनकी बर्खास्तगी का आदेश एक जून को जारी कर दिया जाएगा। हालांकि नोटिस पर 3585 गेस्ट टीचरों का जवाब आया है। इस पर विचार के लिए समय चाहिए। सारी प्रक्रिया 29 जून तक मुकम्मल कर ली जाएगी।
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वहीं 4073 में से अन्य के बारे बताया गया कि या तो वह नौकरी छोड़ गए हैं या फिर कुछ की मौत हो चुकी है। बेंच ने फिलहाल सरप्लस गेस्ट टीचरों पर फैसला देते हुए अन्य सभी पहलुओं पर विचार के लिए सुनवाई छह जुलाई के लिए स्थगित कर दी है। उल्लेखनीय है कि हरियाणा सरकार हाईकोर्ट में यह कह चुकी है कि प्रदेश में 16 हजार से अधिक गेस्ट टीचर हैं। इनमें 4073 सरप्लस हैं। सुनवाई के दौरान नियमित भर्ती के बारे भी सरकार ने तथ्य पेश किया। बताया कि इस संबंध में विज्ञापन जारी कर दिया गया है।
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पीआरटी शिक्षकों की भर्ती के बारे सरकार मौन क्यों:
उधर, याचिकाकर्ताओं के वकील जगबीर मलिक ने सरकार की ओर से नियमित भर्ती की प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि केवल पीजीटी और टीजीटी की नियमित भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया है, लेकिन पीआरटी शिक्षकों की भर्ती के बारे सरकार मौन क्यों है। यह भी कहा कि अनेक विषयों के शिक्षकों की भर्ती पर सरकार ने अभी विचार ही नहीं किया। दूसरी ओर करीब छह हजार शिक्षक तरक्की की बाट  जोह रहे हैं।


एकल शिक्षक को कैसे मानें सरप्लस :
सुनवाई के दौरान एक प्रतिवादी के वकील ने बेंच के सामने तथ्य रखा कि उनका मुवक्किल जिस स्कूल में है, वहां केवल वहीं एक मात्र अध्यापक है। ऐसे में उसे सरप्लस भला कैसे माना जा सकता है। बेंच ने निर्देश दिया है कि ऐसे टीचरों का रिकार्ड खंगाला जाए। केवल सरप्लस गेस्ट टीचरों को ही हटाया जाए।

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