गजब: IIT स्टूडेंट्स देंगे सवा करोड़ की ‘गुरु दक्षिणा’
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
1990 बैच के 120 पूर्व छात्रों ने आईआईटी कानपुर को अब तक की सबसे बड़ी गुरुदक्षिणा देने का फैसला किया है। पढ़ाई पूरी करने के बाद 25वें साल कैंपस आने वाले पूर्व स्टूडेंट्स का कहना है कि शनिवार को 1.20 करोड़ रुपये की गुरु दक्षिणा दी जाएगी, जो किसी बैच द्वारा दी गई गुरु दक्षिणा से कहीं ज्यादा है।
इससे पहले एक बैच ने 1.10 करोड़ रुपये की गुरु दक्षिणा दी है। आईआईटी की एलमनाइ मीट (पूर्व छात्र सम्मेलन) शुक्रवार से शुरू होगी। इस बार 1990 बैच के स्टूडेंट्स आ रहे हैं, जो कि सिल्वर जुबली समारोह मनाएंगे।
भारत, अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, फ्रांस सहित तमाम देशों में बसे 120 आईआईटियंस के आने की सहमति मिल चुकी है। आईआईटी के प्रमुख इंजीनियर और 1990 बैच के स्टूडेंट नवप्रीत सिंह ने बताया कि डॉ. प्रवीन भागवत आ रहे हैं, जो कि एयर टाइप नेटवर्क के संस्थापक हैं।
अमित गोयल ने फैजराती डॉट कॉम की स्थापना की है। आनंद अग्रवाल ने सर लाइट कंपनी खोली है। कंपनियों का टर्न ओवर अच्छा है। इनमें हजारों कर्मचारी काम कर रहे हैं।
प्रो. संजीव अरोड़ा और विनय गुलाटी को भी आना है, जो कि बेटर इंडिया पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी गुरु दक्षिणा देने के पीछे का मकसद आईआईटी का सहयोग करना है।
जो गुरु दक्षिणा दी जाएगी, उसकी चेयर स्थापित की जाएगी। इससे टीचर्स, स्टूडेंट्स का मनोबल बढ़ेगा। वह रिसर्च करने और अच्छा पढ़ाने के लिए प्रेरित होंगे।
जॉब क्रिएटर बनें आईआईटियन
आईआईटी के 1994 बैच के पूर्व छात्रों का सम्मेलन गुरुवार को खत्म हो गया। अंतिम दिन पूर्व छात्रों ने वर्तमान छात्रों से मुलाकात की और कहा कि नौकरी के पीछे भागने की जरूरत नहीं है।
आईआईटी में पढ़ने वाला हर छात्र काबिल होता है। उसे जॉब क्रिएटर बनना चाहिए। इससे पहले स्टूडेंट्स ने विवेकानंद समिति से जुड़े छात्र-छात्राओं से मुलाकात की। हॉस्टल, लैब, लाइब्रेरी और मेस में गए।
बाद में डायरेक्टर प्रो. इंद्रनील मन्ना ने पूर्व छात्रों के सम्मान में लंच दिया। डीन ऑफ एलमनाइ एसोसिएशन प्रो. प्रभात मुंशी ने बताया कि इस बैच में 300 पूर्व छात्र-छात्रा हैं लेकिन 35 लोग ही आ पाए।
इन सबने पूरी जानकारी ले ली है। अब सिल्वर जुबली समारोह मनाने आएंगे। बैच के कोआर्डिनेटर संजीव सिन्हा जापान में जमे हैं। उनका कहना है कि भारत की तरफ दुनिया आशा भरी निगाह से देख रही है। यहां की तरह का टैलेंट और स्कोप और किसी देश में नहीं है।
अब जरूरत इस मौके का फायदा उठाने की है। नई सरकार ने अच्छा काम शुरू किया है। रिश्ते की शुरुआत जापान से अच्छी है।