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पढ़िए, इस बार कैसे भरी जाएंगी आईआईटी की सीटें...

Mon, 19 Oct 2015 03:35 PM IST
Updated Mon, 19 Oct 2015 03:35 PM IST
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iit seats will be fill through jee entrance

सत्र 2016-17 में आईआईटी की सीटें ज्वाइंट एंट्रेंस टेस्ट (जेईई) एडवांस 2016 से ही भरी जाएंगी। इस दिशा में ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड (जैब) ने कदम आगे बढ़ा दिए हैं। इसी सिलसिले में आठ नवंबर को एक गोपनीय मीटिंग भी होनी है।

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इसके बाद कानपुर सहित देश की 18 आईआईटी में एडमिशन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फार्म भरने की डेट तय की जाएगी। एंट्रेंस टेस्ट की डेट (22 मई 2016) पहले से ही फाइनल है।
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एनआईटी काउंसिल ने आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी, जीएफटी में एडमिशन के सिंगल एंट्रेंस टेस्ट और सिंगल काउंसलिंग का प्रस्ताव दिया था। कहा था कि यह व्यवस्था शैक्षिक सत्र 2016-17 से लागू की जाए।
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हालांकि आईआईटी काउंसिल इससे सहमत नहीं है। इस सिलसिले में अलग-अलग जेईई चेयरमैन की मीटिंग भी हो चुकी है। सूत्रों का कहना है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से गठित तीन सदस्यीय कमेटी के सुझाव नवंबर में आएंगे।

बदलाव के बीच नहीं रूकेगी एडमिशन प्रक्रिया

iit seats will be fill through jee entrance

इस चक्कर में आईआईटी की एडमिशन प्रक्रिया नहीं रोकी जाएगी। एंट्रेंस टेस्ट की पुरानी नियमावली के हिसाब से तैयारी चलती रहेगी। ज्वाइंट एंट्रेंस टेस्ट (जेईई) मेन 2016 में जो दो लाख स्टूडेंट सेलेक्ट होंगे, उन्हें जेईई एडवांस 2016 के फार्म भरने का मौका मिलेगा।

ऐसा नहीं हुआ तो आईआईटी अपना एंट्रेंस टेस्ट कराएगी। आल इंडिया मेरिट और रैंक के हिसाब से एडमिशन करेगी। 2012 में ऐसा करने की नौबत आई थी। तब मंत्रालय ने सिंगल एंट्रेंस टेस्ट कराने की पहल की थी लेकिन आईआईटी कानपुर पूरी प्रक्रिया से बाहर हो गया था। दबाव में आकर ही एडमिशन की डबल (जेईई मेन और एडवांस) व्यवस्था की गई।

सूत्रों का कहना है कि एडमिशन प्रक्रिया में बदलाव इस सत्र से संभव नहीं है। यदि मानव संसाधन विकास मंत्रालय की कमेटी किसी तरह के बदलाव का सुझाव देती है तो भी आईआईटी की सीनेट इसे मानने के लिए बाध्य नहीं है। आईआईटी में एडमिशन का अंतिम फैसला सीनेट ही लेती है।

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