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IIT रुड़की का बड़ा फैसला, 71 छात्रों का निष्कासन लिया वापस

Tue, 04 Aug 2015 08:47 AM IST
ब्यरो/अमर उजाला, रुड़की
ब्यरो/अमर उजाला, रुड़की Updated Tue, 04 Aug 2015 08:47 AM IST
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IIT Roorkee gave one more chance to expelled student.

आईआईटी ने बाहर निकाले गए सभी 71 छात्रों को एक मौका दिए जाने का फैसला लिया है। इस फैसले से निष्कासित छात्रों को भारी राहत मिली है। सीनेट की बैठक में लिए गए निर्णय के मुताबिक छात्रों को नए सिरे पहले वर्ष में प्रवेश लेना होगा। साथ ही प्रथम वर्ष में सभी विषयों को पास करने और पांच सीजीपीए अंक लाए जाने अनिवार्य होंगे।

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कम सीजीपीए के चलते बाहर निकाले गए प्रथम वर्ष के 71 छात्रों को लेकर एक माह से चल रही कशमाकश सोमवार को राहत में बदल गई।

सोमवार से शाम साढ़े तीन बजे शुरू हुई सीनेट की दो घंटा चली बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी छात्रों को एक मौका दे दिया जाएगा। सीनेट की बैठक के फैसले के बारे में जानकारी देते हुए संस्थान के रजिस्ट्रार प्रशांत गर्ग ने बताया कि इन सभी छात्रों को पहले वर्ष में नए सिरे से प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए 10 अगस्त अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।

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पांच सीजीपीए लाना अनिवार्य, बैक की सुविधा नहीं

IIT Roorkee gave one more chance to expelled student.

प्रथम वर्ष के अंत में सभी छात्रों को सभी विषयों को पास करना होगा और औसत पांच सीजीपीए या इससे अधिक अंक लाने होंगे। इसके अलावा छात्रों को 75 प्रतिशत उपस्थिति भी दर्ज करानी होगी। यह उपस्थिति छात्रों के प्रथम वर्ष में रजिस्ट्रेशन की तिथि से लागू मानी जाएगी।

साल के आखिर में छात्रों को बैक की कोई सुविधा नहीं दी जाएगी। छात्रों को दोबारा प्रवेश दिए जाने से पहले सभी शर्तों पर सहमति के लिए लिखित में पत्र देना होगा।

गौरतलब है कि आईआईटी के इन छात्रों को पहले वर्ष के दो सेमेस्टर में औसत पांच सीजीपीए से कम अंक आने के चलते निकाल दिया गया था। इससे पूर्व हुई सीनेट की दो बैठकों और हाईकोर्ट में भी इन छात्रों को राहत नहीं मिल पाई।

छात्रों की मर्सी अपील पर सोमवार को बुलाई गई आकस्मिक सीनेट की बैठक में छात्रों को एक साल रिपीट कराए जाने का निर्णय देकर राहत प्रदान की। इस फैसले के बाद छात्र खुशी से झूम उठे।

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