यूपी के इस शहर में खुलेगा आईआईटी का रिसर्च सेंटर
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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर का रिसर्च सेंटर लखनऊ में खुलेगा। इसके लिए आईआईटी ने उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (यूपीएसआईडीसी) से 20 एकड़ जमीन मांगी है।
इसी सिलसिले में मुख्य सचिव आलोक रंजन ने 22 सितंबर को लखनऊ में मीटिंग भी बुलाई है। इसमें निदेशक प्रो. इंद्रनील मन्ना भी शामिल होंगे। रिसर्च सेंटर बनाने का लक्ष्य वर्ष 2016 निर्धारित है।
आईआईटी कानपुर ने औद्योगिक इकाइयों के साथ मिलकर तकनीक विकसित करने का फैसला किया है। इसीलिए इनक्यूबेशन सेंटर एंड इंटरप्रेन्योर पार्क लखनऊ में स्थापित करने का निर्णय लिया।
निदेशक प्रो. इंद्रनील मन्ना का कहना है कि आईआईटी कानपुर कैंपस में रिसर्च की बेहतर सुविधा है लेकिन पर्याप्त जगह नहीं मिल सकी। अमौसी एयरपोर्ट लखनऊ के आसपास स्थापित होने वाले इस सेंटर पर सिर्फ रिसर्च की व्यवस्था रहेगी।
इन क्षेत्रों में होगी रिसर्च
नई तकनीक की मशीन और सेंसर विकसित होंगे। इनका प्रोटोटाइप बनाकर फील्ड ट्रायल किया जाएगा। फिर प्रोडक्ट बाजार में लाने की कोशिश होगी। सस्ती और अच्छी तकनीक विकसित करने की रणनीति बनी है।
अभी रिसर्च हो रहे हैं लेकिन धरातल पर नहीं आ पा रहे। इस सेंटर की मदद से रिसर्च को धरातल पर लाया जाएगा। रिसर्च सेंटर की जमीन जल्द मिलने की उम्मीद है, क्योंकि मुख्य सचिव ने मीटिंग बुलाकर जल्द ही जमीन देने का भरोसा दिलाया है।
हेल्थ,इनवायरमेंट, एनर्जी, ग्राउंड वाटर, डिजिटल वर्ल्ड, इलेक्ट्राक्निस सिस्टम, कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी, आटो मोबाइल, एसेसरीज,रोबोटिक, सोलर एनर्जी के क्षेत्र में रिसर्च होगी।
कानपुर एयर कनेक्टिविटी से नहीं जुड़ा है। इस कारण विदेशी विश्वविद्यालय के विज्ञानी, शिक्षक नहीं आ पाते हैं। मल्टीनेशनल कंपनियों और औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि भी आने से कतराते हैं।
लखनऊ में सेंटर खुलने से एयर कनेक्टिविटी मिल जाएगी। बाहर से विज्ञानी, शिक्षक आएंगे। इसमें रिसर्च प्रोजेक्ट के स्टूडेंट भी शामिल रहेंगे। ज्वाइंट प्रोग्राम चलेंगे, जिससे अच्छी तकनीक विकसित होने की उम्मीद है।