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IIT के एक फैसले से 73 छात्रों का सपना हुआ चकनाचूर

Sat, 11 Jul 2015 02:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की Updated Sat, 11 Jul 2015 02:54 AM IST
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IIT finally expelled 73 student from B. Tech course.

आईआईटी रुड़की द्वारा सीनेट की बैठक में लिए गए निर्णय के 48 घंटे बाद सीनेट की एक्जीक्यूटिव कमेटी के फैसले ने 73 छात्रों का सपना चकनाचूर कर दिया। आईआईटी ने इन सभी छात्रों को संस्थान से बाहर निकालने के फैसले पर ही अपनी अंतिम मुहर लगा दी।

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पूरे दिन की जद्दोजहद के बाद देर रात में जब यह फैसला आया तो जेम्स थॉमसन भवन के बाहर खड़े अभिभावकों को गहरा धक्का लगा।

रात आठ बजे बैठक समाप्त होने के बाद संस्थान निदेशक एवं कुलसचिव सहित डीन एवं फैकल्टी फैसला सुनने के लिए बेताबी से इंतजार कर रहे अभिभावकों से मिले बगैर चले गए। जिस पर अभिभावकों का गुस्सा भड़क। अभिभावकों ने इसे संस्थान की छात्रों के प्रति निष्ठुरता बताते हुए फैसले को गलत करार दिया।
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यह था मामला
आईआईटी के प्रथम वर्ष के दो सेमेस्टर में औसत पांच सीजीपीए से कम लाने वाले 73 छात्रों को बाहर निकाले जाने का नोटिस जारी किया था। जिसके बाद छात्रों की ओर से विगत 22 जून को मर्सी अपील दी गई थी।
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इस पर संस्थान की ओर से आठ जुलाई को सीनेट की बैठक बुलाई गई। जिसमें विचार के बाद इन छात्रों को संस्थान से बाहर निकालने का फैसला सुनाया गया। इसके  बाद अभिभावकों के दबाव के चलते निर्णय पर पुनर्विचार के लिए शुक्रवार को एक्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक बुलाई गई।

कोर्ट जाने की तैयारी में जुटे अभिभावक

IIT finally expelled 73 student from B. Tech course.

बैठक के फैसले के इंतजार में अभिभावक सुबह से शाम तक संस्थान के जेम्स थॉमसन भवन के बाहर खड़े इंतजार करते रहे। रात आठ बजे यह फैसला आया कि एक्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में छात्रों को कोई राहत नहीं दी गई है तो अभिभावक और छात्रों को गहरी निराशा हुई।

बैठक समाप्त होने के बाद संस्थान निदेशक प्रो. प्रदीप्त बनर्जी और डीन एकेडमी सहित अन्य सभी अधिकारी अभिभावकों से बात किए बगैर वहां से निकल गए। उम्मीद थी कि रजिस्ट्रार प्रशांत गर्ग अभिभावकों को निर्णय से अवगत कराएंगे, लेकिन वह भी चुपचाप निकल गए।

इससे आहत अभिभावकों ने संस्थान प्रशासन के अधिकारियों पर निष्ठुर होने का आरोप लगाया। अभिभावकों का कहना था कि वह अपने बच्चों के हित में इस लड़ाई को दिल्ली से लेकर कोर्ट तक जाएंगे। वहीं रजिस्ट्रार प्रशांत गर्ग ने कहा कि बैठक में छात्रों की रैंक, परफोरमेंस, रिजल्ट सहित विभिन्न पहलुओं पर विचार के बाद यह फैसला लिया गया कि सीनेट में इन छात्रों को बाहर निकालने का निर्णय ही अंतिम है।

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