आईआईटी का क्रेज हो रहा कम, रूड़की में 46 सीटें रह गईं खाली
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आईआईटी जैसे नामीगिरामी संस्थानों में भी सीटें खाली रह जा रही हैं। इस बार 46 छात्रों ने आईआईटी रुड़की को तरजीह नहीं दी। इन रिक्त सीटों में से जेईई-2015 के तहत रुड़की को 1030 सीटों के सापेक्ष 21 कम सीटें अलॉट की गईं थी। इसके बाद अलॉट छात्रों में से भी 25 छात्र दाखिला लेने नहीं पहुंचे। अब संस्थान में प्रीपैरेटरी कोर्स के तहत रजिस्टर्ड तीन छात्रों को मिलाकर प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या 987 हो गई है।
आईआईटी रुड़की के सत्र 2015-16 में 46 सीटें रिक्त रह गईं। इन रिक्त 46 सीटों में 16 सामान्य जाति, 7 अन्य पिछड़ा वर्ग, 4 अनुसूचित जाति वर्ग और 19 एसटी वर्ग की सीटें हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि देशभर में धाक जमा चुकी आईआईटी की सिविल ब्रांच में भी दो सामान्य और एक अनुसूचित जाति वर्ग की सीटें रिक्त हैं जबकि विगत वर्ष में सिविल ब्रांच में एक भी सीट रिक्त नहीं रही थी।
आखिर क्यों भंग हो रहा आईआईटी से मोह
संस्थान की ओर से प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए कुल 1030 सीटें निर्धारित की गई थीं। काउंसिलिंग के दौरान जेईई-2015 के तहत संस्थान को इनमें से 1009 सीटें ही मिल पाई थी।
यानी संस्थान को 21 कम छात्र मिल पाए थे। इसके बाद जिन 1009 छात्रों को आईआईटी रुड़की के लिए सीट अलॉट हुई। उनमें से भी प्रवेश के दौरान 984 छात्र ही पहुंच सके। इस तरह संस्थान की 46 सीटें रिक्त रह गईं।
मनपसंद ब्रांच न मिलना
रिक्त सीटों के पीछे बड़ा कारण मनपसंद ब्रांच नहीं मिलना है। काउंसिलिंग के दौरान आईआईटी में सीट आवंटित होने के बाद कई छात्र एनआईटी जैसे संस्थानों में बेहतर या मनपसंद ब्रांच मिलने के बाद आईआईटी में प्रवेश लेने नहीं पहुंचते हैं।
-प्रो. डीके नौडियाल, डीन आफ स्टूडेंट वेलफेयर, आईआईटी, रुड़की
जानिए, किन विषयों में कितनी सीटें खाली
संस्थान में बायोटेक में 6, केमिकल मे 3, सिविल में 3, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में 1, इलेक्ट्रिकल में 2, मेकेनिकल में 1, मेटेलर्जिकल एंड मैटीरियल इंजीनियरिंग में 6, पालीमर साइंस एंड इंजीनियरिंग में 10, प्रोडक्शन एंड इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग में 2, आर्किटेक्चर 5, इंटीग्रेटेड एमटेक जियोलोजिकल टेक्नोलॉजी में 2, इंटीग्रेटेड एमटेक जियोफिजिकल टेक्नोलॉजी में 2, आईएमएस-एपीएम में 3, सीटें रिक्त हैं।
पिछले साल भी रिक्त रही थीं 73 सीटें
आईआईटी में पिछले साल निर्धारित 1065 सीटों में से 992 छात्र ही मिल पाए थे। प्रवेश लेने वाले छात्रों में 85 छात्राएं एवं 907 छात्र शामिल थे। विगत वर्ष रिक्त रही 73 सीटों में से आर्किटेक्ट की 6, बॉयोटेक्नोलॉजी की 6, केमिकल की 4, इलेक्ट्रिकल की 2, पालीमर साइंस एंड इंजीनियरिंग की 14, मेटेलर्जिकल एंड मेटीरियल्स की 3, इंटीग्रेटेड डुअल डिग्री इन प्रोसेस इंजीनियरिंग की 15, इंटीग्रेटेड एमएससी फिजिक्स की 15 सीटें शामिल थीं जबकि सिविल इंजीनियरिंग में सभी 135 सीटें भर गई थी।