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आईआईएम के स्टूडेंट्स को मिलेगा विदेश जाकर पढ़ने का मौका

Wed, 07 Oct 2015 04:08 PM IST
Updated Wed, 07 Oct 2015 04:08 PM IST
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IIM student get a chance to study in abroad
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, लखनऊ अपने छात्र-छात्राओं को ग्लोबल इकोनॉमी के लिए तैयार करेगा। इसके लिए संस्थान न सिर्फ अपने सिलेबस को अपडेट करने जा रहा है, बल्कि सभी छात्र-छात्राओं को कोर्स के दौरान एक टर्म में विदेश भेजने का प्रयास होगा।
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इसके अलावा संस्थान इस बात का भी प्रयास करेगा कि हर वर्ष विदेश से कम से कम दो फैकल्टी यहां आकर फुल टाइम टीचिंग करें। इसके लिए संस्थान विदेश के नामी संस्थानों से टाई-अप भी करेगा। आईआईएमएल के निदेशक प्रो. भरत भास्कर ने बताया कि छात्र-छात्राओं को विश्व स्तर के लिए तैयार करने को कुछ महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में बेहतर पैकेज के जॉब के लिए छात्र-छात्राओं का ग्लोबल एक्सपोजर बहुत जरूरी है।
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आईआईएम-एल के 400 मैनेजमेंट स्टूडेंट्स में से करीब 15 फीसदी यानी कि लगभग 60 ही ऐसे हैं जो अपनी पढ़ाई के दौरान एक टर्म (तीन महीने) किसी अन्य देश की यूनिवर्सिटी में पढ़ते हैं। इसमें स्टूडेंट्स को आने-जाने और वहां रहने का खर्च वहन करना होता है जबकि उस यूनिवर्सिटी की फीस नहीं देनी पड़ती। आईआईएम और विदेश के संस्थानों के बीच स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत आईआईएम की फीस पर ही उनको वहां पढ़ने के लिए मिलता है।
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प्रो. भरत ने बताया कि आने जाने का खर्च स्टूडेंट्स बैंक से लोन लेकर या कई बार विभिन्न स्कॉलरशिप के माध्यम से वहन करते हैं। अब यह प्रयास किया जाएगा कि विदेश में एक टर्म की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स की संख्या बढ़े। इसके लिए उनको विभिन्न स्कॉलरशिप्स मिलें इसका भी प्रयास होगा।

कंपनियों की मांग का रखेंगे ध्यान

IIM student get a chance to study in abroad

प्रो. भरत ने बताया कि संस्थान में जो सिलेबस स्टूडेंट्स को पढ़ाया जा रहा है उसे भी जल्द ही अपडेट किया जाएगा। इसके लिए देश की विभिन्न इंडस्ट्री और कंपनी के साथ ही विदेशी कम्पनी व इंडस्ट्री की मांग को ध्यान में रखा जाएगा।

इंडस्ट्री के विशेषज्ञों से फीडबैक लेकर उनके क्षेत्र की आवश्यकताओं को पूछा जाएगा। उनसे मिलने वाले इनपुट के अनुसार सिलेबस तैयार होगा, जिससे छात्र-छात्राएं समय की मांग के अनुसार अप-टू-डेट रहें।

ऐसा सिलेबस होने का सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि यहां से निकलने वाले छात्र-छात्राएं इंडस्ट्री की मांग के अनुसार पूरी तरह रेडी होंगे। इससे उनको पहले से अधिक विकल्प व पैकेज मिलेंगे और विदेशों में नौकरी की राह भी आसान होगी।

हर साल आएंगी दो विदेशी फैकल्टी

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आईआईएम लखनऊ में अन्य देशों के शिक्षण संस्थानों से फैकल्टी तो आती हैं लेकिन यह तय नहीं कि प्रत्येक वर्ष उनका आना होगा या नहीं। अब संस्थान इस चीज को सुनिश्चित करेगा कि प्रत्येक वर्ष कम से कम दो विदेशी फैकल्टी यहां आकर छात्र-छात्राओं को पढ़ाएं।

इसके लिए विदेशी संस्थानों से टाईअप किए जाएंगे। प्रो. भरत ने बताया कि विदेशी फैकल्टी के यहां आने, यहां के छात्रों के विदेश जाने से ये लाभ होगा कि उनको अपने देश की इकोनॉमी के साथ अन्य देशों की इकोनॉमी का बेहतर ज्ञान होगा। वह अपने यहां की आर्थिक स्थितियों, उन पर अन्य देशों की इकोनॉमी से होने वाले असर को बेहतर तरीक से समझ सकेंगे।

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