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पुरानी यादें समेटकर विदा हुए आईआईएम एल्युमनाई

Wed, 25 Dec 2013 02:02 AM IST
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 25 Dec 2013 02:02 AM IST
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iim allumina in iim lucknow

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) लखनऊ के एल्युमनाई जब बैक टू क्लासरूम कार्यक्रम के तहत मंगलवार को अपने-अपने क्लास में पहुंचे तो बीते लम्हें जेहन में तैरने लगे।

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इसके बाद उन्होंने ग्राउंड पर क्रिकेट खेला और कैंटीन में बैठकर कॉफी और चाय की चुस्कियों के बीच यादें ताजा की। वह हॉस्टल भी घूमने गए। यही नहीं, वर्तमान स्टूडेंट्स को उन्होंने मैनेजमेंट व बिजनेस की बारीकियां भी बताईं।
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कैंपस में यादगार तीन दिन बिताने के साथ-साथ ढेर सारी यादें और नए वादे करके एल्युमनाई वापस लौटे। इसके साथ ही नॉस्टेलजिया (पुरानी यादें) 2013 कार्यक्रम का समापन हो गया।
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बैक टू क्लासरूम कार्यक्रम में एल्युमनाई के साथ उनके टीचर प्रोफेसर एस. चक्रवर्ती, जिन्हें वह प्यार से प्रो. चक्रू कहकर पुकारते थे, वह भी उनके साथ थे।

इस दौरान एल्युमनाई क्लासरूम को प्यार से निहार रहे थे। यहां एंटरटेनमेंट पर आधारित क्विज का आयोजन किया गया। इसमें उन्होंने फिल्मों के नाम व गाने बताकर एक-दूसरे को पछाड़ने की कोशिश की।

यहां प्रो. चक्रू ने सबसे अधिक पॉइंट हासिल किए। आईआईएम लखनऊ में 1993 बैच के स्टूडेंट कृष्णा गोबिली और रवि किरण खासे उत्साहित थे।

आईआईएम लखनऊ की एल्युमनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष विनीत सिंह चौहान ने कहा कि यहां की पढ़ाई की दम पर ही हमें अलग पहचान मिली। वहीं, 2003 बैच के स्टूडेंट दीपक, विनीत और राकेश जैन ने भी कहा कि यहां पर हमें ईमानदारी और मेहनत से काम करना सिखाया गया।

यहां से पढ़कर निकले 2003 बैच के स्टूडेंट मंजुनाथ षडमुगम, जिन्होंने इंडियन ऑयल कारपोरेशन में बतौर सेल्स मैनेजर नौकरी करते हुए मिलावटी पेट्रोल का भंडाफोड़ किया और सच्चाई को सामने लाने के लिए जान तक कुर्बान कर दी।

इसके बाद एल्युमनाई क्रिकेट ग्राउंड पर पहुंच गए। यहां पर उन्होंने वर्तमान छात्रों के साथ क्रिकेट खेला। किसी ने चौका मारा तो किसी ने छक्का मारकर क्रिकेट मैच का लुफ्त उठाया।


इसके बाद वर्ष 1988 बैच के स्टूडेंट, 1993 बैच के स्टूडेंट, 1998 बैच के स्टूडेंट और वर्ष 2003 बैच के स्टूडेंट्स ने कैंपस में ग्रुप फोटो भी खिंचवाई।

इसके बाद वह आईआईएम की अन्नपूर्णा मेस, नैसकैफे कैंटीन भी गए। यहां पर दोस्तों के साथ बैठकर कैंपस की यादें ताजा कीं।

आईआईएम लखनऊ की एल्युमनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष विनीत सिंह चौहान ने कहा कि हम लखनऊ में रहने वाले गरीब मेधावी स्टूडेंट्स को आर्थिक मदद देंगे।

साथ ही आईआईएम में वीडियो कांफ्रेंसिंग सेंटर की स्थापना कर विदेशों में रह रहे एल्युमनाई से इंटरेक्शन करवाने और स्व रोजगार के लिए उन्हें मार्गदर्शन करने का संकल्प भी दोहराया।

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