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मस्ती के साथ करें काम तो होगी बेहतर परफॉर्मेंस

Sat, 18 Jan 2014 10:31 AM IST
आशीष कुमार त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
आशीष कुमार त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 18 Jan 2014 10:31 AM IST
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business conclave 2014 at lucknow IIM

हमेशा बड़ा सोचें, कभी खुद को कमतर मत आंकें। आपके भीतर असीम ऊर्जा है, जिसके दम पर कुछ भी हासिल किया जा सकता है। यह गुरुमंत्र वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के डायरेक्टर (इनवेस्टमेंट) अमरेश आचार्य ने स्टूडेंट्स को दिए।

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वे शुक्रवार को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) लखनऊ में आयोजित सालाना बिजनेस कॉन्क्लेव मैनफेस्ट 2014’ के उद्घाटन समारोह में संबोधन दे रहे थे।
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इस दौरान हुई क्लासिकल नाइट में मशहूर तबला वादक उस्ताद इलमस हुसैन खान और मशहूर सरोद वादक स्मिथ तिवारी ने समां बांध दिया। इस मैनफेस्ट में प्रिंट मीडिया पार्टनर अमर उजाला है।
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अमरेश आचार्य ने कहा कि काम करने में गंभीरता तभी आएगी, जब आप मौज-मस्ती करेंगे। चिंता छोड़कर काम करेंगे तो अपना 100 प्रतिशत दे पाएंगे। साथ ही अच्छा बिजनेसमैन बनने के लिए नव प्रयोग करने होंगे।

‘थ्रसहोल्ड ऑफ चेंज क्रॉसिंग द रूबिकॉन’ विषय पर आयोजित मैनफेस्ट में उन्होंने कहा कि हमेशा बेहतर करने की कोशिश में लगे रहें।

कार्यक्रम में आईआईएम लखनऊ के चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर प्रो. अजय द्विवेदी ने कहा कि कभी कोई परेशानी आए तो उससे घबराएं नहीं, बल्कि हमेशा क्राइसेज मैनेजमेंट सीखने की कोशिश करें।

आप मुसीबत से किस तरह आराम से उबर सकते हैं, यह जानना बहुत जरूरी है। कार्यक्रम में पीजीपी चेयरमैन प्रो. नीरज द्विवेदी, डीन स्टूडेंट अफेयर्स प्रो. सतीश और डीन प्लॉनिंग एंड डवलपमेंट प्रो. पंकज सिंह ने भी स्टूडेंट्स को संबोधित किया।


इस दौरान आयोजित क्लासिक नाइट में लखनऊ घराने से ताल्लुक रखने वाले मशहूर तबला वादक उस्ताद इलमस हुसैन व सरोद वादक स्मिथ तिवारी ने प्रस्तुति दी।

तबले की थाप पर सरोद की मनमोहक धुनों की जुगलबंदी ने समां बांध दिया। इसके बाद आईआईएम लखनऊ की स्टूडेंट मशानका विश्वनाथन और मृदुला मुकंद ने दक्षिण भारतीय शैली का नृत्य पेश कर लोगों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।

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