फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   ICAI result.

ICAI ने जारी किया रिजल्ट, छह युवा बने चार्टर्ड अकाउंटेंट

Thu, 22 Jan 2015 10:18 AM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 22 Jan 2015 10:18 AM IST
विज्ञापन
ICAI result.

इंस्टीट्यूट आफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स आफ इंडिया (आईसीएआई) के परिणामों में दून के छह युवाओं ने बाजी मारी है। आईसीएआई ने अंतिम रिजल्ट जारी कर दिया है।

विज्ञापन


परीक्षा में दून से शामिल हुए थे 68 युवा

इसके साथ ही सीए के लिए होने वाली प्रथम कॉमन प्रोफिसिएंसी टेस्ट(सीपीटी) का भी परिणाम जारी किया गया है। फाइनल रिजल्ट में गोपाल सिंह बफीला ने शीर्ष स्थान हासिल किया है। आईसीएआई के दून चैप्टर से मिली जानकारी के मुताबिक 800 अंकों की दोनों ग्रुप की परीक्षा में दून से 68 युवा शामिल हुए थे।
विज्ञापन


इनमें से केवल छह युवाओं ने बाजी मारी। 431 अंकों के साथ रुड़की के दुर्गा कालोनी निवासी गोपाल सिंह बाफिला टॉपर रहे। 420 अंकों के साथ दून की शास्त्रीनगर निवासी शैफाली सिमल्टी दूसरे स्थान पर और 413 अंकों के साथ आभास लोहानी तीसरे स्थान पर रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके अलावा प्रियंका नागपाल ने 40, अताउर रहमान और कुबेर सिंह बिंद्रा ने 400-400 अंक हासिल कर सफलता पाई। सीए की अंतिम परीक्षा नवंबर 2014 में हुई थी, जिसका परिणाम अब जारी किया गया है।

12वीं से जुट गए थे तैयारी में

सीए के अंतिम चरण को पार करने वाले युवाओं ने12वीं के बाद ही इस परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। टॉपर गोपाल सिंह बाफिला ने बताया कि उनके पिता आनंद सिंह बाफिला सेना में ऑनरेरी कैप्टन हैं।

12वीं तक की पढ़ाई के बाद वे दून आ गए थे और डीएवी से बीकॉम की। वहीं, कांवेंट आफ जीसस एंड मैरी से 12वीं करने के बाद शैफाली सिमल्टी भी सीए की तैयारी में जुट गई थीं। उन्होंने भी डीएवी पीजी कालेज से बीकॉम किया। खास बात यह है कि बेहद कम समय में उन्होंने यह सफलता प्राप्त की है।

इरादा पक्का हो तो मंजिल मिल जाती है

दून की दो बहनों ने यह कर दिखाया है। दोनों बेटियां अब चार्टर्ड अकाउंटेंट(सीए) हैं। शास्त्रीनगर निवासी पीआर सिमल्टी की बड़ी बेटी स्वप्निल सिमल्टी वर्ष 2013 में सीए बन गई थी जबकि छोटी बेटी शैफाली सिमल्टी का सपना इस बार पूरा हुआ। रिजल्ट आने के साथ ही सिमल्टी परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।

दोनों की उम्र में ढाई साल का फासला है। पिता पीआर सिमल्टी ने बताया कि दोनों बेटियों ने 12वीं विज्ञान की पढ़ाई कांवेंट आफ जीसस एंड मैरी(सीजेएम) से की। दोनों ने ही 12वीं की पढ़ाई पूरी करते ही सीए की राह चुनी। स्वप्निल आजकल पंजाब नेशनल बैंक, तिलक रोड शाखा में शाखा प्रबंधक है।


स्वप्निल की तरह शैफाली ने भी पहली ही बार में सीए में सफलता हासिल की है। मां सुधा सिमल्टी एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं। उन्होंने बताया कि उनकी केवल दो बेटियां ही हैं और दोनों किसी भी मायने में बेटों से कम नहीं हैं।

कुर्बानियां देनी पड़ती हैं

सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता है। इसके लिए कुर्बानियां देनी पड़ती हैं। यह कहना है सीए बहनों का। दोनों ने बताया कि अपनी सीए की पढ़ाई के दौरान वह मोबाइल, सहेलियों और समारोहों से दूर रहीं। आफिस के साथ दोनों रोजाना दो से चार घंटे पढ़ाई करती थीं। छुट्टी के दिन पढ़ाई का समय बढ़कर 10 से 12 घंटे हो जाता था। खास बात यह है कि उन्होंने सीए के लिए कोचिंग भी नहीं की।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed