शपथ ग्रहण समारोह को लेकर एचपीयू खामोश
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प्रदेश विश्वविद्यालय और कॉलेजों में 24 सितंबर को मनोनयन से मेरिट पर एसीए गठित की जा चुकी है। एक सप्ताह से अधिक समय बीतने पर भी विवि और प्रदेश के कॉलेजों में एससीए की शपथ ग्रहण पर संशय बना हुआ है।
एससीए कब शपथ लेगी, कब पढ़ाकू प्रतिनिधि पदभार संभालेंगे। इसका आम छात्रों के साथ छात्र संगठनों को भी बेसब्री से इंतजार है। सबसे अधिक बेसब्री तो पढ़ाकू नेताओं को है, जो पढ़ाई के साथ छात्र राजनीति का अनुभव भी लेंगे।
शपथ ग्रहण समारोह के सवाल पर कुलपति के साथ अधिष्ठाता अध्ययन भी कुछ कहने से गुरेज कर रहे हैं। इससे यही प्रतीत हो रहा है कि विवि और कॉलेज प्रशासन को फीस बढ़ोतरी के खिलाफ चल रहे आंदोलन और मनोनयन से एससीए चुनने का विरोध कर रहे छात्रों के विरोध की आशंका है।
विश्वविद्यालय में जैसे तीन पदाधिकारियों ने 24 सितंबर को ही पदभार न संभालने से इनकार कर दिया था। उसी तर्ज पर कॉलेजों की स्थिति न हो, यही शपथ ग्रहण समारोह को जानबूझ कर कहीं न कहीं टालने का प्रयास किया जा रहा है।
संविधान के मुताबिक एक सप्ताह में होनी चाहिए शपथ
छात्र संघ चुनाव के संविधान के मुताबिक एक सप्ताह में शपथ हो जानी चाहिए। बीते सत्र में 17 अगस्त को हुए छात्र संघ चुनाव के बाद एक सप्ताह के भीतर एससीए ने शपथ ले ली थी। इस बार पहले ही प्रत्यक्ष और मनोनयन से चुनाव के चक्कर में एससीए गठन करीब एक माह देर से हुआ है।
जल्द तय होगी तारीख : प्रो. चौहान
विवि के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. एमएस चौहान का कहना है कि जल्द एससीए के शपथ ग्रहण समारोह की तारीख तय कर दी जाएगी।