HPU: एक एक हजार में बेच दिए फ्री के परीक्षा फॉर्म
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प्रदेश विश्वविद्यालय की गलती का खामियाजा गोल्डन चांस में बैठने वाले छात्रों को भुगतना पड़ा। यूजी कक्षाओं के अनुपूरक परीक्षाओं में पास न होने वाले छात्रों को गोल्डन चांस को दिया, मगर यह किसे दिया, फार्म कहां मिलेंगे और कितनी फीस होगी, इसको लेकर कोई जानकारी प्रदेश के हजारों छात्रों को नहीं मिली।
विवि के काउंटर पर पुराने फार्म एक हजार रुपये में छात्रों ने खरीदे। उस पर तीन हजार की फीस जमा करवानी पड़ी। छात्रों को यह फार्म विवि की वेबसाइट से डाउनलोड करना था। इससे सिर्फ गोल्डन चांस की तय तीन हजार की फीस ही देनी थी।
सही दिशा-निर्देश न देने के कारण खरीदे पुराने फार्म
ऐसे में अब छात्रों को यह चांस चार हजार रुपये में पड़ गया। विवि प्रशासन के पास मामला पहुंचने के बाद फार्म के नाम पर एक हजार की वसूली रोकी गई। विश्वविद्यालय में फार्म भरने और इससे संबंधित जानकारी लेने आए दर्जनों छात्रों को भटकना पड़ा।
कभी उन्हें सीओई के पास तो कभी कुलपति कार्यालय के चक्कर कटवाए गए। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी कारोबारियों की ओर से छात्रों को पुराने 270 रुपये के फार्म एक हजार रुपये में बेचने की शिकायतें आई हैं। उधर, परीक्षा नियंत्रक प्रो. एसएल कौशल ने बताया कि ऐसी शिकायत आई तो विवि के काउंटर पर फार्म बेचने पर रोक लगा दी गई।
फार्म वेबसाइट पर उपलब्ध करवा दिए गए हैं। विवि के काउंटर से खरीदे जा चुके फार्म को स्वीकार कर लिया जाएगा।