रूसा में बड़ा बदलाव, छात्रों को बड़ी राहत
रूसा प्रथम सेमेस्टर के छात्रों का रुका हुआ रिजल्ट अब शीघ्र घोषित होगा। प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट के कारण परिणाम नहीं लटकेंगे। इन दोनों को मर्ज कर दिया है। अब एग्जामिनर को सिर्फ प्रैक्टिकल के अंक देने होंगे।
एचपीयू ने 45 विषयों में दोहरी प्रणाली के कारण पेश आ रही समस्या का स्थायी हल ढूंढ लिया है। साफ्टवेयर में प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट की व्यवस्था न होने से करीब 5000 छात्रों का रिजल्ट रुकने का मुख्य कारण यही था।
पहले यूजी में लागू सीबीसीएस (च्वॉयस बेस क्रेडिट सिस्टम) में प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट के अलग-अलग अंक दिए जाते थे।
विवि में विशेषज्ञों, विभिन्न संकायों के डीन, रूसा और कंप्यूटर साफ्टवेयर जानकारों की बैठक में समायोजन का फैसला लिया गया।
इस फैसले से कॉलेज प्रशासन, एग्जामिनर, शिक्षकों और छात्रों को राहत मिलेगी। इंग्लिश, अर्थशास्त्र, भूगोल, हिंदी, केमिस्ट्री, जियोलॉजी, बॉटर्नी, आईटी, फिजिक्स जैसे 45 प्रैक्टिकल वाले विषयों में इंटरनल असेसमेंट के अंक अलग से नहीं दिए जाएंगे।
समस्या का स्थायी समाधान: प्रो. कौशल
परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्यामलाल कौशल ने दावा किया कि यह समस्या का स्थायी समाधान है। इस कारण लटके 60 फीसदी परिणाम घोषित करने को अवार्ड देने और एंटर करने में मुश्किल हो रही थी।
विषय, कंप्यूटर और विभिन्न संकायों के अधिष्ठाताओं की सहमति से अंतरिम मूल्यांकन को प्रैक्टिकल में मर्ज करने का फैसला लिया गया है।
प्राचार्य विवि न पहुंचे अवार्ड के मामलों में अवार्ड को अप्रूव करना सुनिश्चित करें। इसे प्राचार्य से अप्रूव न होने से ये ऑनलाइन नजर नहीं आ रहे हैं।
फैसले को कुलपति की मंजूरी मिलने के बाद इसी आधार पर परिणाम बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। भविष्य में यही व्यवस्था लागू रहेगी।